"फतेहपुर जिला" के अवतरणों में अंतर

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| जिला = [[फतेहपुर जिला]]
| शासक पद = [[जिलाधिकारी]]
| शासक का नाम = श्री [[सौरभपी. बाबूगुरुप्रसाद]]
| शासक पद - 2 = [[नगर पालिका अध्यक्ष]]
| शासक का नाम - 2 = श्री [[अजय अवस्थी]]
| ऊँचाई = ११४·६६114.66
| जनगणना का वर्ष =
| जनगणना स्तर =
| जनसंख्या =
| घनत्व =
| क्षेत्रफल = ४१५२4152
| दूरभाष कोड = ९१+91 (०) ५१८०5180
| पिनकोड = २१२६xx212601
| वाहन रेजिस्ट्रेशन कोड = उप्रUP-७१71
| unlocode =
| जालस्थल = www.fatehpur.nic.in
 
}}
[[फतेहपुर जिला]] [[उत्तर प्रदेश]] [[राज्य]] का एक [[जिला]] है। जो कि [[पवित्र]] [[गँगा]] एँव [[यमुना]] [[नदी]] के किनारों पर बसा हुआ है। [[फतेहपुर]] को [[पुराणों]] मे भी दर्शाया गया है। भिःठोराभिटौरा और असनि के [[घाट]] भी [[पुराणों]] मे मिलते है। भिःठोराभिटौरा [[भ्रिगु]] [[ऋषि]] की [[तपोस्थली]] थी। [[फतेहपुर जिला]] [[इलाहाबाद मण्डल]] का एक हिस्सा है
== ऐतिहासिक स्थल ==
'''बावनी इमली''' <br />यह [[स्मारक]] [[स्वतंत्रता]] सेनानियों द्वारा किये गये बलिदानों का प्रतीक है। 28 अप्रैल 1858 को [[ब्रिटिश सेना]] द्वारा बावन स्वतंत्रता सेनानियों को एक इमली के पेड़ पर फाँसी दी गयी थी। ये इमली का पेड़ अभी भी मौजूद है। लोगो का विश्वास है के उस [[पेड़]] का विकास उस [[नरसंहार]] के बाद बंद हो गया है। यह जगह [[बिन्दकी]] उपखंड में [[खजुआ]] कस्बे के निकट है। [[बिन्दकी ]] [[तहसील]] मुख्यालय से तीन [[किलोमीटर]] पश्चिम मुगल रोड स्थित [[शहीद]] [[स्मारक]] [[बावनी इमली]] [[स्वतंत्रता]] की जंग में अपना विशेष महत्व रखती है। शहीद स्थल में बूढ़े इमली के पेड़ में 28 अप्रैल 1857 को [[रसूलपुर]] गांव के निवासी [[ जोधा सिंह अटैया]] को उनके इक्यावन क्रांतिकारियों के साथ [[फांसी]] पर लटका दिया गया था इन्हीं बावन शहीदों की [[स्मृति]] में इस [[वृक्ष]] को [[बावनी इमली]] कहा जाने लगा।
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