"स्थल-रुद्ध देश": अवतरणों में अंतर

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[[चित्र:Landlocked countries.svg|350px|thumb|right|विश्व के स्थल-रुद्ध देश हरे रंग से दर्शाये गये हैं]]
वह देश जिसकी सभी सीमायेसीमायें या तटरेखा सिर्फकेवल [[स्थल]] या फिर किसी बंद सागर से मिलती हैं, उन्हें '''स्थल-रुद्ध देश''' कहलातेया हैं,'''भू-बद्ध''' (landlocked country) कहते हैं। दूसरे शब्दों में चारों ओर से सिर्फ स्थल से घिरे देश को स्थल-रुद्ध देश कहते हैं। आंशिक रूप से मान्यता प्राप्त राष्ट्रों को मिलाकर विश्व में कुल 47 स्थल-रुद्ध देश हैं। प्रमुख महाद्वीपों में से सिर्फ [[उत्तरी अमेरिका]] और [[ऑस्ट्रेलिया]] महाद्वीपों के अंदर कोई स्थल-रुद्ध देश नहीं है।
 
स्थल-रुद्ध देश प्रायः कुछ राजनैतिक एवं आर्थिक समस्याओं का सामना करते हैं जो समस्याएं उन देशों में नहीं होतीं जिनके पास कोई बन्दरगाह हो। भू-बद्ध देशों को सुदूर देशों से व्यापार करने में कठिनाई होती है। इसी लिए पूरे इतिहास के दौरान छोटे-बड़े सभी देश चाहते रहे हैं कि उनकी सीमा 'खुले सागर' से जुड़ी हो।
 
स्थल-रुद्ध होने से जो आर्थिक समस्याएँ आतीं हैं वे अपेक्षाकृत कम या अधिक हो सकतीं है, जो इस बात पर भी निर्भर करता है कि वह स्थलरुद्ध देश कितना विकसित है, उसके चारों तरफ के व्यापारिक मार्ग किस प्रकार के हैं, व्यापार की स्वतंत्रता कितनी है, भाषायी प्रतिबन्ध किस प्रकार के हैं, आदि। स्थलरुद्ध होने के बाद भी कुछ देश अत्यन्त समृद्ध हैं, जैसे अन्डोरा, आस्ट्रिया, लिकटेन्स्टीन (Liechtenstein), [[लक्समबर्ग]], सान मैरिनो, स्विट्जरलैण्ड, वैटिकन सिटी, आदि। ये सभी देश (लक्समबर्ग को छोडकर ) वैश्विक राजनैतिक मामलों पर तटस्थ (न्यूट्रल) रहते हैं।
 
== स्थल-रुद्ध देशों की सूची ==