"केशवदास": अवतरणों में अंतर

9 बाइट्स जोड़े गए ,  1 वर्ष पहले
छो
जिझौतिया
[अनिरीक्षित अवतरण][अनिरीक्षित अवतरण]
छो (जिझौतिया)
टैग: यथादृश्य संपादिका मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
छो (जिझौतिया)
टैग: यथादृश्य संपादिका मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
== जीवन परिचय ==
 
आचार्य केशवदास का जन्म 1555 ईस्वी में [[ओरछा]] में हुआ था। वे सनाढयजिझौतिया ब्राह्मण थे। उनके पिता का नाम काशीनाथ था। ओरछा के राजदरबार में उनके परिवार का बड़ा मान था। केशवदास स्वयं ओरछा नरेश महाराज रामसिंह के भाई इन्द्रजीत सिंह के दरबारी कवि, मन्त्री और गुरु थे। इन्द्रजीत सिंह की ओर से इन्हें इक्कीस गाँव मिले हुए थे। वे आत्मसम्मान के साथ विलासमय जीवन व्यतीत करते थे।<ref>{{cite web |url=http://www.gutenberg.org/files/11924/11924-h/11924-h.htm#CH_V_iv |title=The Project Gutenberg eBook The Loves of Krishna, by W .G. Archer |publisher=Gutenberg.org |date=2004-04-06 |accessdate=2012-09-19 |archive-url=https://web.archive.org/web/20131103132850/http://www.gutenberg.org/files/11924/11924-h/11924-h.htm#CH_V_iv |archive-date=3 नवंबर 2013 |url-status=live }}</ref>
 
केशवदास [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] के उद्भट विद्वान थे। उनके कुल में भी संस्कृत का ही प्रचार था। नौकर-चाकर भी संस्कृत बोलते थे। उनके कुल में भी संस्कृत छोड़ हिंदी भाषा में कविता करना उन्हें कुछ अपमानजनक-सा लगा -