"अष्टांग योग": अवतरणों में अंतर

1,249 बाइट्स हटाए गए ,  1 वर्ष पहले
सम्पादन सारांश नहीं है
(Reverted to revision 5102610 by रोहित साव27 (talk) (TwinkleGlobal))
टैग: किए हुए कार्य को पूर्ववत करना
No edit summary
टैग: Reverted मोबाइल संपादन मोबाइल वेब संपादन
योग के ये आठ अंग हैं:
 
: ''१1) यम, 2) नियम, 3) आसन, 4) प्राणायाम, 5) प्रत्याहार, 6) धारणा 7) ध्यान 8) समाधि
महर्षि [[पतञ्जलि|पतंजलि]] ने [[योग]] को 'चित्त की वृत्तियों के निरोध' (''योगः चित्तवृत्तिनिरोधः'') के रूप में परिभाषित किया है। उन्होंने '[[पतञ्जलि योगसूत्र|योगसूत्र]]' नाम से योगसूत्रों का एक संकलन किया जिसमें उन्होंने पूर्ण कल्याण तथा शारीरिक, मानसिक और आत्मिक शुद्धि के लिए '''अष्टांग योग''' (आठ अंगों वाले योग) का एक मार्ग विस्तार से बताया है। अष्टांग योग को आठ अलग-अलग चरणों वाला मार्ग नहीं समझना चाहिए; यह आठ आयामों वाला मार्ग है जिसमें आठों आयामों का अभ्यास एक साथ किया जाता है। योग के ये आठ अंग हैं:
 
: ''१) यम, २) नियम, ३) आसन, ४) प्राणायाम, ५) प्रत्याहार, ६) धारणा ७) ध्यान ८) समाधि
 
== परिचय ==
गुमनाम सदस्य