"श्रीकृष्णभट्ट कविकलानिधि" के अवतरणों में अंतर

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अलंकार कलानिधि नाम ग्रंथ कीनो है।।"<ref>'ईश्वरविलास महाकाव्य', सं. भट्ट मथुरानाथ शास्त्री, जगदीश संस्कृत पुस्तकालय, जयपुर, 2006, पेज ९०</ref>
 
अलंकार कलानिधि ग्रन्थ 14 निदेशों अर्थातअर्थात् अध्यायों में विभक्त है।<ref> हिंदी साहित्य का इतिहास, भाग२, डॉ. संजय गुप्ता, ओम साईँ टैक बुक, दिल्ली, २०१९, पेज ३२-३४</ref> ये इन निदेशों में क्रमशः अर्थव्यंजकता, रस लक्षण, रस भेद, ध्वनि विवेचन, गुणीभूत व्यंग्य तथा उसके भेद, अधम काव्य के प्रकार, शब्द चित्र, अर्थ चित्रों का वर्णन, काव्य गुणों का विवेचन, प्राचीन और नवीन आचार्यों के अनुसार गुणों के स्वरूप एवं भेदों का विवेचन, शब्दालंकार, अर्थालंकार, अलंकार दोष एवं नायिका भेद आदि विविध काव्यांगों का विवेचन किया गया है।