"वेदाङ्ग ज्योतिष" के अवतरणों में अंतर

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[[लगध|आचार्य लगध]] मुनि का '''वेदांग ज्योतिष''' एक प्राचीन [[ज्योतिष]] ग्रन्थ है। इसके रचना के काल के बारे में बहुत मतभेद है। एक विचार के अनुसार इसका काल १३५० ई पू माना जाता है। अतः यह संसार का ही सर्वप्राचीन ज्याेतिष ग्रन्थ माना जा सकता है। यह [[ज्योतिष]] का आधार ग्रन्थ है।
 
वेदांगज्योतिष कालविज्ञापक शास्त्र है। माना जाता है कि ठीक तिथि नक्षत्र पर किये गये [[यज्ञ|यज्ञादि]] कार्य फल देते हैं अन्यथा नहीं। कहा गया है कि-