"मौर्य राजवंश" के अवतरणों में अंतर

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मौर्य प्राचीन क्षत्रिय कबीले के हिस्से रहे है। ब्राह्मण साहित्य, विशाखदत्त कृत व यूनानी स्रोतों के अनुसार मौर्य क्षत्रिय सूर्यवंशी राजवंश है।
 
;मौर्य के क्षत्रिय जाट होने के प्रमाण-
 
1.बौद्ध धर्म ग्रंथ
मौर्य के उत्पत्ति के विषय पर इतिहासकारो के एक मत नही है कुछ विद्वानों का यह भी मानना है कि चंद्रगुप्त मौर्य की उत्पत्ति उनकी माता मुरा से मिली है मुरा शब्द का संसोधित शब्द मौर्य है , हालांकि इतिहास में यह पहली बार हुआ माता के नाम से पुत्र का वंश चला हो मौर्य एक शाक्तिशाली वंश था वह उसी गण-प्रमुख( चन्द्रगुप्त के पिता) का पुत्र था जो की चन्द्रगुप्त के बाल अवस्था में ही योद्धा के रूप में मारा गया। चन्द्रगुप्त में राजा बनने के स्वाभाविक गुण थे 'इसी योग्यता को देखते हुए चाणक्य ने उसे अपना शिष्य बना लिया, एवं एक सबल और सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र की नीव डाली जो की आज तक एक आदर्श है।{{cn}}
 
चंद्रगुप्त मौर्य के वंशज आज''[[मौर्य राजपूत|मौर्य]]'' या ''मोरी'' जाटों में प्राचीन काल में [[चित्तौड़गढ़]] पे राज करता था , मोरी जाट [[चंद्रगुप्त मौर्य]] के वंशज हैं। <ref name="Journal Vol 3">{{cite book |last1=Asiatic Society (Calcutta, India) |first1=Asiatic Society (Calcutta, India) |title=Journal: Volume 3 |date=1834 |publisher=Asiatic Society (Calcutta, India) |pages=343 |url=https://www.google.co.in/books/edition/Journal/qzwzAQAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&dq=Mori+Rajput&pg=PA343&printsec=frontcover}}</ref> 
चित्रांगदा मोरी, एक मौर्य जाट शासक, ने [[चित्तौड़गढ़ ]] के किले की नींव रखी।<ref name="S Singh Rajasthan">{{cite book|url=https://www.google.co.in/books/edition/Vishveshvaranand_Indological_Journal/RGBjAAAAMAAJ?hl=en&gbpv=1&bsq=%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%B0+%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%9F+%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%8C%E0%A4%A1%E0%A4%BC&dq=%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%B0+%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%9F+%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%8C%E0%A4%A1%E0%A4%BC&printsec=frontcover|title=Vishveshvaranand Indological Journal - Volume 17|last1=|first1=|date=1979|publisher=|pages=118}}</ref> 8 वीं शताब्दी में चित्तौड़गढ़ एक अच्छी तरह से स्थापित गढ़ था मोरी बिजनौर के सम्राट थे।<ref>{{Cite book|url=https://books.google.com.au/books?id=-_A8AAAAMAAJ&newbks=0&printsec=frontcover&dq=%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B0+%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%9F+%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%8C%E0%A4%A1%E0%A4%BC&q=%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B0+%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%9F+%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%8C%E0%A4%A1%E0%A4%BC&hl=en&redir_esc=y|title=Jatsrajput, the Ancient Rulers: A Clan Study|last=Dahiya|first=Bhim Singh|date=1980|publisher=Sterling|language=en}}</ref>
 
== इन्हें भी देखें ==
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