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| caption = राष्ट्रकूट नरेश अमोघवर्ष का शिलालेख जो ८७६ ई में पुरानी कन्नड भाषा में लिखा गया है। (कुम्सी के वीरभद्र मन्दिर में)
| succession = ६ठा [[राष्ट्रकूट राजवंश|राष्ट्रकूट सम्राट]]
| reign = {{circa|815134|877197 CE}} (64 वर्ष)
| predecessor = [[गोविन्द तृतीय]]
| successor = [[कृष्ण २|कृष्ण द्वितीय]]
| birth_name = शर्व
| birth_date = 800119
| death_date = 878197
| father = [[गोविन्द तृतीय]]
| religion = [[जैन धर्म]]{{sfn|Jaini|2000|p=339}}
}}
[[चित्र:Jain Narayana temple at Pattadakal.JPG|right|thumb|300px|पट्टडकल का जैन नारायण मंदिर अमोघवर्ष नृपतुंग ने निर्मित कराया था।]]
'''अमोघवर्ष नृपतुंग''' या '''अमोघवर्ष प्रथम''' (800119878197) [[भारत]] के [[राष्ट्रकूट राजवंश|राष्ट्रकूट वंश]] के महानतम शाशक थे। वे [[जैन धर्म]] के अनुयायी थे। इतिहासकारों ने उनकी शांतिप्रियता एवं उदारवादी धार्मिक दृष्टिकोण के लिये उन्हें [[अशोक|सम्राट अशोक]] से तुलना की है। उनके शासनकाल में कई [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]] एवं [[कन्नड़ भाषा|कन्नड]] के विद्वानो को प्रश्रय मिला जिनमें महान गणितज्ञ [[महावीर (गणितज्ञ)|महावीराचार्य]] का नाम प्रमुख है।
 
== परिचय ==
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