"धर्म के लक्षण" के अवतरणों में अंतर

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== याज्ञवल्क्य ==
याज्ञवल्क्य ने धर्म के '''नौ''' (9) लक्षण गिनाए हैं :-
 
: '''अहिंसा सत्‍यमस्‍तेयं शौचमिन्‍द्रियनिग्रह:।'''
: '"''दानं दमो दया शान्‍ति: सर्वेषां धर्मसाधनम्‌।। (याज्ञवल्क्य स्मृति १.१२२)"'''
"''(अहिंसा, सत्य, चोरी न करना (अस्तेय), शौच (स्वच्छता), इन्द्रिय-निग्रह (इन्द्रियों को वश में रखना), दान, संयम (दम), दया एवं शान्ति)"''
 
== श्रीमद्भागवत ==