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== समाचार पत्र ==
भारतवर्ष में लोकसंपर्कलोकसम्पर्क की दृष्टि से समाचारपत्रों का प्रथम प्रकाशन सन् १७८०1780 से आरंभआरम्भ हुआ। कहा जाता है, २९29 जनवरी १७८०1780 को भारत का पहला पत्र ''बंगाल गजट'' प्रकाशित हुआ था। इसके बाद सन् १७८४1784 में कलकत्ता गजट का प्रकाशन हुआ। सन् १७८५1785 में मद्रास से कूरियर निकला, फिर बंबईबम्बई हेरल्ड, बंबईबम्बई कूरियर और बंबईबम्बई गजट जैसे पत्रों का अंग्रेजी में प्रकाशन हुआ। इससे बहुत पहले इंग्लैंड, जर्मनी, इटली और फ्राँस से समाचारपत्र प्रकाशित हो रहे थे। इंग्लैंड का प्रथम पत्र आक्सफोर्ड गजट सन् १६६५1665 में प्रकाशित हुआ था। लंडनलन्दन का टाइम्स नामक पत्र सन् १७८८1788 में निकला था। मुद्रण यंत्रयन्त्र के आविष्कार से पहले चीन से किंगयाड और कियल 'तथा रोम से' 'रोमन एक्टा डायरना' नामक पत्र निकले थे।
 
भारत में पत्रों के प्रकाशन का क्रम सन् १८१६1816 में प्रारंभप्रारम्भ हुआ। 'बंगाल गजट' के बाद 'जान बुलइन', तथा ''दि ईस्ट'' का प्रकाशन हुआ। इंगलिशमैन १८३६1836 में प्रकाशित हुआ। १८३८1838 में बंबई से 'बंबईबम्बई टाइम्स' और बाद में 'टाइम्स ऑफऑफ़ इंडियाइण्डिया' का प्रकाशन हुआ। १८३५1835 से १८५७1857 के मध्य दिल्ली, आगरा, मेरठ, ग्वालियर और लाहौर से कई पत्र प्रकाशित हुए इस समय तक १९29 ऐंग्लो इंडियनइण्डियन और २५25 भारतीय पत्र प्रकाशित होने लगे थे किंतुकिन्तु जनता के मध्य उनका प्रचार बहुत ही कम था। सन् १८५७1857 के विद्रोह के बाद 'टाइम्स ऑफऑफ़ इंडियाइण्डिया', 'पायोनियर', 'मद्रास मेल', 'अमृतबाजार पत्रिका', 'स्टेट्समैन', 'सिविल ऐंडएण्ड मिलिटरी गजट' और 'हिंदूहिन्दू' जैसे प्रभावशाली समाचारपत्रों का प्रकाशन प्रारंभप्रारम्भ हुआ। बिहार से बिहार हेरल्ड, बिहार टाइम्स और बिहार एक्सप्रेस नामक पत्र प्रकाशित हुए। भारतीय भाषाओं में प्रकाशित होनेवाला प्रथम पत्र समाचारदर्पण सन् १८१८1818 में श्रीरामपुर से बँगला में प्रकाशित हुआ। सन् १८२२1822 में बंबईबम्बई समाचार, गुजराती भाषा में प्रकाशित हुआ। उर्दू में 'कोहेनूर', 'अवध अखबार' और 'अखबारे आम' नामक कई पत्र निकले।
 
हिंदीहिन्दी का प्रथम समाचारपत्र '[[उदन्त मार्तण्ड|उदंत मार्तंड]]' था, जिसके संपादक श्री [[युगलकिशोर शुक्ल]] थे। दूसरा पत्र 'बनारस अखबार' [[राजा शिवप्रसाद सितारेहिंद]] ने सन् १८४५1845 में प्रकाशित कराया था। इसके संपादकसम्पादक एक मराठी सज्जन श्री गोविंदगोविन्द रघुनाथ भत्ते थे। सन् १८६८1868 में [[भारतेन्दु हरिश्चंद्र|भारतेंदु हरिश्चंद्र]] ने 'कवि वचन सुधा' नामक मासिक पत्रिका निकाली। पीछे इसे पाक्षिक और साप्ताहिक संस्करण भी निकले। १८७१1871 में 'अल्मोड़ा समाचार' नामक साप्ताहिक प्रकाशित हुआ। सन् १८७२1872 में [[पटना]] से 'बिहार बंधुबन्धु' नामक साप्ताहिक पत्र प्रकाशित हुआ। इसके प्रकाश्न में पंडित केशोराम भट्ट का प्रमुख हाथ था। सन् १८७४1874 में दिल्ली से सदादर्श और सन् १८७९1879 में [[अलीगढ़]] से 'भारत बंधुबन्धु' नामक पत्र निकले। ज्यों ज्यों समाचारपत्रों की संख्या बढ़ती गई त्यों त्यों उनके नियंत्रणनियन्त्रण और नियमन के लिए कानून भी बनाते गए। राष्ट्रीय जागरण के फलस्वरूप देश में दैनिक, साप्ताहिक, मासिक, त्रैमासि आदि पत्रों का प्रकाशन अधिक होने लगा। समाचारपत्रों के पठनपाठन के प्रति जनता में अधिक अभिरुचि जाग्रत हुई। १५15 अगस्त १९४७1947 का जब देश स्वतंत्रस्वतन्त्र हुआ तो प्राय: सभी बड़े नगरों से समाचारपत्रों का प्रकाशन होता था। स्वतंत्रस्वतन्त्र भारत के लिए जब संविधान बना तो पहली बार भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रतास्वतन्त्रता के सिद्धांतसिद्धान्त को मान्यता दी गई। समाचारपत्रों का स्तर उन्नत बनाने के लिए एक आयोग का गठन किया गया।
 
== चलचित्र ==
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