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छो (हिमालय (हिम + आलय) का अर्थ है ‘हिम का घर’ (Abode Of Snow)| इसकी कुल लम्बाई लगभग 5000 किमी. है तथा इसकी औसत ऊँचाई 2000 मीटर है। इसकी औसत चौड़ाई 240 किमी. है तथा क्षेत्रफल लगभग 5 लाख वर्ग किमी. का है।)
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'''एवरेस्ट पर्वत''' ([[नेपाली (बहुविकल्पी)|नेपाली]]: सगरमाथा, [[संस्कृत भाषा|संस्कृत]]: देवगिरि) दुनिया का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है, जिसकी ऊँचाई 8,848.८६ मीटर है।<ref>{{cite news|last1=दाहाल|first1=फणीन्द्र|title=सगरमाथाको नयाँ उचाइ ८,८४८.८६ मिटर भएको नेपाल र चीनको घोषणा|url=https://www.bbc.com/nepali/news-55227398|accessdate=8 डिसेम्बर 2020|agency=बीबीसी न्यूज नेपाली}}</ref> सन् ८ डिसेम्बेर २०२० तक जिसकी ऊँचाई 8,848 मीटर मानिया था। यह हिमालय का हिस्सा है। पहले इसे XV के नाम से जाना जाता था। माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई उस समय 29,002 फीट या 8,840 मीटर मापी गई थी। वैज्ञानिक सर्वेक्षणों में कहा जाता है कि इसकी ऊंचाई प्रतिवर्ष 2 से॰मी॰ के हिसाब से बढ़ रही है। [[नेपाल]] में इसे स्थानीय लोग '''सगरमाथा''' (अर्थात स्वर्ग का शीर्ष) नाम से जानते हैं, जो नाम नेपाल के इतिहासविद बाबुराम आचार्य ने सन् 1930 के दशक में रखा था - ''आकाश का भाल''। तिब्बत में इसे सदियों से '''चोमोलंगमा''' अर्थात ''पर्वतों की रानी के नाम'' से जाना जाता है।<ref>{{Cite web|url=http://hindi.webdunia.com/mountains-tourism/सबसे-ऊँची-चोटी-माउंट-एवरेस्ट-111012900032_1.htm|title=सबसे ऊँची चोटी : माउंट एवरेस्ट|last=ND|website=hindi.webdunia.com|language=hi|access-date=2020-06-18|archive-url=https://web.archive.org/web/20190727064044/http://hindi.webdunia.com/mountains-tourism/%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%8A%E0%A4%81%E0%A4%9A%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%89%E0%A4%82%E0%A4%9F-%E0%A4%8F%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%9F-111012900032_1.htm|archive-date=27 जुलाई 2019|url-status=dead}}</ref>
 
सर्वे ऑफ नेपाल द्वारा प्रकाशित, (1:50,000 के स्केल पर 57 मैप सेट में से 50वां मैप) “फर्स्ट जॉईन्ट इन्सपेक्सन सर्वे सन् 1979-80, नेपाल-चीन सीमा के मुख्य पाठ्य के साथ अटैच” पृष्ठ पर ऊपर की ओर बीच में, लिखा है, सीमा रेखा, की पहचान की गई है जो [[चीन]] और [[नेपाल]] को अलग करते हैं, जो ठीक शिखर से होकर गुजरता है। यह यहाँ सीमा का काम करता है और चीन-नेपाल सीमा पर मुख्य हिमालयी जलसंभर विभाजित होकर दोनो तरफ बहता है। यह सब सत्य है।
 
== सर्वोच्च शिखर की पहचान ==
 
वॉग ने निकोलस के डाटा पर सन् 1854 में काम शुरु कर दिया और हिसाब-किताब, प्रकाश [[अपवर्तन]] के लेन-देन, वायु-दाब, अवलोकन के विशाल दूरी के तापमान पर अपने कर्मचारियों के साथ लगभग दो साल काम किया। सन् 1856 के मार्च में उसने पत्र के माध्यम से कलकत्ता में अपने प्रतिनिधी को अपनी खोज का पूरी तरह से उदघोष कर दिया। कंचनजंघा की ऊँचाई साफ तौर पर 28,156 फीट (8,582 मी॰) बताया गया, जबकि XV कि ऊँचाई (8,850 मी॰) बताई गई। वॉग ने XV के बारे में निष्कर्ष निकाला कि “अधिक सम्भव है कि यह विश्व में सबसे ऊँचा है”। चोटी XV (फिट में) का हिसाब-किताब लगाया गया कि यह पुरी तरह से 29,000 फिट (8,839.2 मी॰) ऊँचा है, पर इसे सार्वजनिक रूप में 29,002 फीट (8,839.8 मी॰) बताया गया। 29,000 को अनुमान लगाकर 'राउंड' किया गया है इस अवधारणा से बचने के लिए 2 फीट अधिक जोड़ा दिया गया था।
 
== [https://shikshit.org/physical-features-of-india/ हिमालय पर्वत] – Himalayas ==
 
* हिमालय (हिम + आलय) का अर्थ है ‘हिम का घर’ (Abode Of Snow)|
* इसकी कुल लम्बाई लगभग 5000 किमी. है तथा इसकी औसत ऊँचाई 2000 मीटर है। इसकी औसत चौड़ाई 240 किमी. है तथा क्षेत्रफल लगभग 5 लाख वर्ग किमी. का है।
 
=== भारत की भू-आकृतिक इकाइयां मानचित्र (Geographical Units of India map) ===
हिमालय पर्वत श्रेणी को तीन भागों में बाँटा गया है
 
महान या वृहत हिमालय या हिमाद्रि ( The Great Himalayas Or The Himadri )
 
* इसकी औसत ऊँचाई 6000 मीटर है।
* यह हिमालय पर्वत की सबसे उत्तरी एवं सबसे ऊँची श्रेणी है। हिमालय के सभी सर्वोच्च शिखर इसी श्रेणी में हैं, जैसे- एवरेस्ट (8850 मी.), कंचनजंगा (8598 मी.), मकालू (8481 मी.), धौलागिरी (8172 मी.), चो ओऊ (8153 मी.), नंगा पर्वत (8126 मी.), अन्नपूर्णा (8078 मी.), नन्दा देवी (7817 मी.) आदि। इनमें कंचनजंगा, नंगापर्वत और नन्दादेवी भारत की सीमा में हैं और शेष नेपाल में हैं।
* इस श्रेणी में भारत के प्रमुख दर्रे अवस्थित हैं। इनमें शिपकी ला और बारालाचा ला हिमाचल प्रदेश में, बर्जिला और जोजिला कश्मीर में, नीति ला, लिपुलेख और थाग ला उत्तरांचल में तथा जेलेप ला और नाथू ला सिक्किम में स्थित हैं।
* माउन्ट एवरेस्ट-8850 मीटर (इसे नेपाल में सागर माथा व चीन में क्योमोलांगमा कहते हैं।) यह दुनिया की सबसे ऊँची चोटी है।
* कंचनजंगा- 8598 मीटर (यह भारत में हिमालय की सबसे ऊँची चोटी है- सिक्किम में)।
 
लघु हिमालय, मध्य हिमालय या हिमाचल ( Outer Himalayas Or The Shiwaliks )
 
* यह हिमालय की सबसे दक्षिणी श्रेणी है। इसकी औसत ऊँचाई 1000 मी. है। इसमें मिट्टी और कंकड़ के बने ऊँचे मैदान मिलते हैं जिन्हें दुन या द्वार कहते हैं (Dehradun, Haridwar) इसके पश्चात् भारत के विशाल मैदान की शुरुआत होती है।
* नोट- भारत की सबसे ऊँची चोटी के-2 (काराकोरम) या गॉडविन ऑस्टिन है (ऊँचाई : 8611 मी.) जो काराकोरम श्रेणी में है न कि हिमालय में। यह पाक-अधिकृत कश्मीर में है तथा वृहत् हिमालय के उत्तर में स्थित हैं।
* * हिमालय के अलावा उत्तर-पूर्व भारत में कुछ अन्य पर्वत श्रेणियाँ भी हैं
* • जस्कर व लद्दाख श्रेणी- कश्मीर में
* • पटकई, लुशाई, गारो, खासी, जयन्तिया, बुम, मीजो श्रेणी- पूर्वी राज्यों में।
 
प्रायद्वीपीय पर्वत – Peninsular Mountain
 
* » अरावली पर्वत
* यह राजस्थान से लेकर दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम तक विस्तृत है। इनकी कुल लम्बाई लगभग 880 किमी. है। यह विश्व की सबसे पुरानी पर्वतमाला है।
* गुरु शिखर 1722 मीटर इनकी सबसे ऊँची चोटी है। इस पर प्रसिद्ध पर्यटन स्थल माउण्ट आबू स्थित है।
* » विन्ध्याचल पर्वत
* • यह पर्वतमाला पश्चिम में गुजरात से लेकर पूर्व में उत्तर-प्रदेश तक जाती है।
* यह विन्ध्याचल, भारनेर, कैमूर व पारसनाथ पहाड़ियों का सम्मिलित रूप है। विन्ध्याचल पर्वत ही उत्तर व दक्षिण भारत को स्पष्ट रूप से अलग करता है। इसकी औसत ऊँचाई 900 मी. है।
* » सतपुड़ा पर्वत
* सतपुड़ा पश्चिम में राजपीपला से आरम्भ होकर छोटा नागपुर के पठार तक विस्तृत है।
* महादेव और मैकाल पहाड़ियाँ भी इस पर्वतमाला का हिस्सा हैं। 1350 मी. ऊँची धूपगढ़ चोटी इसकी सबसे ऊँची चोटी है।
* पश्चिमी घाट या सह्याद्रि
* इसकी औसत ऊँचाई 1200 मीटर है और यह पर्वतमाला 1600 किमी. लम्बी है।
* इस श्रेणी में दो प्रमुख दर्रे हैं- थालघाट (यह नासिक को मुम्बई से जोड़ता है) एवं भोरघाट (इससे मुम्बई-कोलकाता रेलमार्ग गुजरता है)।
* तीसरा दर्रा पालघाट (इससे तमिलनाडु व केरल जुड़ते हैं) इस श्रेणी के दक्षिणी हिस्से को मुख्य श्रेणी से अलग करता है
* पूर्वी घाट
* इसकी औसत ऊँचाई 615 मीटर है और यह श्रेणी 1300 किलोमीटर लम्बी है।
* पूर्वी घाट के अंतर्गत दक्षिण से उत्तर की और पहाड़ियों को पालकोंडा, अन्नामलाई, जावादा। और शिवराय की पहाड़ियों के नाम से जाना जाता है।
* इस शृंखला की सबसे ऊँची चोटी महेन्द्रगिरी
* (1501 मीटर) है।
* नीलगिरि या नीले पर्वत
* नीलगिरि की पहाड़ियाँ, पश्चिमी घाट व पूर्वी घाट की मिलन स्थली है।
* नीलगिरि की सबसे ऊँची चोटी दोद्दाबेट्टा (Doddabetta) है।
* नोट :-
* सुदूर-दक्षिण में इलायची की पहाड़ियाँ हैं।। इन्हें इल्लामलाई पहाड़ी भी कहते हैं।
* प्रायद्वीपीय भारत का सबसे ऊँची चोटी अन्नाईमुडी (2695 मीटर) है जो अन्नामलाई पहाड़ियों में है।
 
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== एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक ==