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भारत का सबसे बड़ा ज्वारनाड बनाने वाली नदी गोदावरी नदी है।
(भारत की सबसे बड़ी ज्वारनद बनाने वाली नदी गोदावरी नदी है।)
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(भारत का सबसे बड़ा ज्वारनाड बनाने वाली नदी गोदावरी नदी है।)
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[[Image:Rio de la Plata BA 2.JPG|thumb|right|[[रिओ दे ला प्लाता|रियो दे ला प्लाता]] का ज्वारनदीमुख, जिसमें ज्वारनदीमुख में पानी में एकत्रित मलबा दिख रहा है जिसे समय-समय पर समुद्र से उठा [[ज्वार-भाटा|ज्वारभाटा]] बाहर खींच ले जाता है। साधारण [[डेल्टा|नदीमुखों]] में इस मलबे से नदीमुख कई धाराओं में फटकर त्रिकोण रूप धारण कर लेता है]]
'''ज्वारनदीमुख''' (estuary, एस्चुएरी) [[सागर]] तट पर स्थित एक आधा-बंद खारे जल का समूह होता है जिसमें एक या एक से अधिक [[नदी|नदियाँ]] और झरने बहकर विलय होते हैं, और जो दूसरे अंत में खुले सागर से जुड़ा होता है।<ref>Pritchard, D. W. (1967). "What is an estuary: physical viewpoint". In Lauf, G. H. Estuaries. A.A.A.S. Publ. 83. Washington, DC. pp. 3–5.</ref> समय-समय पर [[ज्वार-भाटा|ज्वारभाटा]] (टाइड) आकर इस से पानी व पानी में उपस्थित अन्य ढीला मलबा बाहर समुद्र में खींच लेता है।<ref>Wolanski, E. (2007). Estuarine Ecohydrology. Amsterdam: Elsevier. ISBN 978-0-444-53066-0.</ref> इस कारण से ज्वारनदीमुखों में साधारण [[डेल्टा|नदीमुख]] (डेल्टा) की तरह मलबा एकत्रित नहीं होता, जो नदीतल पर जमा होने से उन्हें कई धाराओं में बिखरने को मजबूर कर देता है, जिससे कि उन धाराओं के बिखराव का आसानी से पहचाना जाने वाला त्रिकोण (डेल्टा) भौगोलिक रूप बन जाता है। उनके विपरीत ज्वारनदीमुख अक्सर एक ही लकीर में सागर में जल ले जाता है। ज्वारनदीमुख समुद्री और नदीय वातावरणों का मिश्रण होता है इसलिए इनमें ऐसे कई प्राणी व वनस्पति पनपते हैं जो और कहीं नहीं मिलते।
भारत की सबसे बड़ा ज्वारनाद बनाने वाली नदी गोदावरी नदी है।<ref>McLusky, D. S.; Elliott, M. (2004). The Estuarine Ecosystem: Ecology, Threats and Management. New York: Oxford University Press. ISBN 0-19-852508-7.</ref>
 
== उदाहरण ==
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