"अहमद शाह अब्दाली" के अवतरणों में अंतर

1,421 बैट्स् जोड़े गए ,  5 माह पहले
Taslim7554 (वार्ता) द्वारा किए बदलाव 5264542 को पूर्ववत किया
(Taslim7554 (वार्ता) द्वारा किए बदलाव 5264544 को पूर्ववत किया)
टैग: किए हुए कार्य को पूर्ववत करना
(Taslim7554 (वार्ता) द्वारा किए बदलाव 5264542 को पूर्ववत किया)
टैग: किए हुए कार्य को पूर्ववत करना
 
== सेना का मथुरा की ओर कूच ==
दिल्ली,गाजियाबाद, पलवल, हापुड़ तथा मेरठ को jeetneलूटने के बाद सेना का अगला पड़ाव ब्रजभूमि, गोकुल और मथुरा की ओर था। इसके बाद अब्दाली का आदेश लेकर सेना मथुरा की तरफ चल दी। मथुरा से लगभग 8 मील पहले चौमुहाँ पर जाटों की छोटी सी सेना के साथ उनकी लड़ाई हुई। जाटों ने बहुत बहादुरी से युद्ध किया लेकिन दुश्मनों की संख्या अधिक थी, जिससे उनकी हार हुई। उसके बाद जीत के उन्माद में पठानों ने मथुरा में प्रवेश किया। मथुरा में पठान भरतपुर दरवाजा और महोली की पौर के रास्तों से आए और मार−काट और लूट−पाट करने लगे।<ref>[https://blogs.navbharattimes.indiatimes.com/aasthaaurchintan/%E0%A4%A6%E0%A4%B0-%E0%A4%A8-%E0%A4%A6-%E0%A4%9C-%E0%A4%A8%E0%A4%B8-%E0%A4%87%E0%A4%A4-%E0%A4%B9-%E0%A4%B8-%E0%A4%95-%E0%A4%AA%E0%A4%A4-%E0%A4%A5-4/] astha aur chintan</ref>
 
अहमदशाह अब्दाली की नृशंश फौज ने जब दिल्ली के आसपास के देहातों में किसानो के घरों और अन्न भण्डार की लूट पाट की तो वे अपनी सेना की रसद के लिए।गेहूं, दाल,चावल, आटा, घी, तेल, गुड़, नमक और शाक सब्जी तक बोरों और कट्टों में भर कर ले गए… यही नहीं उन्होंने उनके पशुओं और जानवरों तक को नहीं छोडा, उनके घोडे खच्चर हाथी और भैंसे तथा बैलगाड़ी उस सामान को ढोने के काम आए जो उन्होंने लूटपाट करके एकत्रित की थी। बाकी गाय भैसों सहित भेड़ बकरियों का कत्ल करके उनका फौज ने आहार बना लिए और उनकी खाल तक को बांध कर अफगानिस्तान ले गये ताकि फौजियों के लिए उम्दा जूते बन सकें।
 
== सशस्त्र नागा साधु ==