"इब्राहीमी धर्म" के अवतरणों में अंतर

(जानकारी)
'''इब्राहीमी धर्म''' उन धर्मों को कहते हैं जो [[एकेश्वरवाद|एक ईश्वर]] को मानते हैं एवं [[इब्राहीम|अब्राहम]] ''(इब्राहिम Arabic: إِبْرَاهِيْمُ‎, <small>romanized:</small> ʾIbrāhīm <small>pronounced</small> )'' को ईश्वर का [[पैग़म्बर]] ([[एकेश्वरवाद|ईश्वर]] का संदेशवाहक) मानते है। इनमें [[यहूदी]], [[ईसाई]], [[इस्लाम]] और [[बहाई धर्म]], आदि शामिल हैं। ये धर्म [[मध्य पूर्व]] में पनपे थे और [[एकेश्वरवाद]]ी हैं। '''यहूदी परम्परा''' विश्व के प्राचीनतम धर्मों में से है।
 
यह औपचारिक रूप से स्थापित कोई धर्म नहीं है, ना इसके कोई अनुयायी हैं और ना ही इसकी कोई नींव है. विशेषज्ञों का यहां तक कहना है कि यह सिर्फ एक धार्मिक प्रोजेक्ट है जिसका मकसद इस्लाम ,ईसाई और यहूदी धर्म के बीच समानता को देखते हए  इनके बीच के मतभेदों को मिटाना है. वैसे भी आमतौर पर इन तीनों धर्मों को अब्राहमी धर्म की श्रेणी में ही रखा जाता है।<ref name=":2">{{Cite web|url=https://hindi.news18.com/news/knowledge/abrahamic-religion-know-what-it-is-and-why-is-it-being-talked-about-viks-3855643.html|title=क्या है अब्राहमी धर्म और इन दिनों क्यों है यह सुर्खियों में|website=News18 हिंदी|language=hi-IN|access-date=2021-11-21}}</ref>
 
यहूदी परंपरा का दावा है कि इज़राइल की बारह जनजातियाँ अब्राहम से उनके बेटे इसहाक और पोते जैकब के वंशज हैं, जिनके बेटों ने सामूहिक रूप से कनान में इज़राइलियों का राष्ट्र बनाया; इस्लामी परंपरा का दावा है कि इश्माएलियों के रूप में जानी जाने वाली बारह अरब जनजातियां इब्राहीम से अरब में अपने बेटे इश्माएल के माध्यम से निकली हैं; बहाई परंपरा का दावा है कि बहाउल्लाह अपनी पत्नी केतुरा के माध्यम से अब्राहम के वंशज थे<ref name=":0">{{Cite web|url=https://bahaiteachings.org/prophets-who-descended-from-abraham/|title=Prophets Who Descended from Abraham|date=2016-07-16|website=bahaiteachings.org/|language=en-US|access-date=2021-11-22}}</ref>। <ref name=":1" /> पुरातात्विक जांच की एक सदी के बाद, इन ऐतिहासिक कुलपति के लिए कोई सबूत नहीं मिला है। अधिकांश विद्वानों का मानना ​​​​है कि इब्राहीम की कहानी छठी शताब्दी ईसा पूर्व में उत्पन्न हुई थी, और यह कि उत्पत्ति की पुस्तक ऐतिहासिक घटनाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करती है।<ref name=":1">{{Cite book|url=https://books.google.co.in/books?id=GE3YBAAAQBAJ&pg=PA19&redir_esc=y#v=onepage&q&f=false|title=Formed From This Soil: An Introduction to the Diverse History of Religion in America|last=Bremer|first=Thomas S.|date=2014-10-10|publisher=Wiley|isbn=978-1-118-32354-0|language=en}}</ref><ref name=":0" />
 
== राजनीतिक चाल होने का शक ==
अब्राहमिक धर्म के विचार का विरोध भी हो रहा है। कई लोगों का मानना है कि यह समन्वय बिठने की आड़ में एक राजनीतिक चाल है। इस नए धर्म का मुख्य मकसद अरब देशों के साथ इजरायल के संबंधों को बढ़ाना है।<ref name=":3">{{Cite web|url=https://www.livehindustan.com/international/story-abrahamic-religion-a-new-religion-is-knocking-in-arab-countries-are-israel-and-america-behind-this-5151685.html|title=अरब देशों में एक नया धर्म दे रहा दस्तक, इजरायल और अमेरिका हैं इसके पीछे?|website=Hindustan|language=hi|access-date=2021-11-23}}</ref><ref name=":2" />
 
'अब्राहमिया' शब्द का इस्तेमाल सितंबर 2020 में संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन के साथ इजरायल के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के साथ शुरू हुआ था।<ref name=":3" /><ref name=":2" />
 
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और उनके सलाहकार जेरेड कुशनर द्वारा प्रायोजित इस समझौते को 'अब्राहमियन समझौता' कहा जाता है। इस समझौते को लेकर अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि अमेरिका तीन अब्राहमिक धर्मों और सभी मानवता के बीच शांति को आगे बढ़ाने के लिए और धार्मिक संवाद का समर्थन करने की कोशिशों को बढ़ावा देता है।<ref name=":3" /><ref name=":2" />[[चित्र:Worldwide percentage of Adherents by Religion.png|thumb|450px|बडे धार्मिक समूह, दुनिया की जनसंख्या के आधार पर शात में।]]
 
==यह भी देखिये==
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