"उत्सर्जन तन्त्र": अवतरणों में अंतर

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*यह रुधिर तथा उत्तर द्रव्य में जल एवं लवण की मात्रा को निश्चित कर रुधिर दाब बनाए रखता है
*रुधिर के विभिन्न पदार्थों का वर्णनात्मक उत्सर्जन कर वृक्क शरीर की रासायनिक अखंडता बनाने में सहायक होता है
*शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने की अवस्था में विषेश एंजाइम के श्रवण से वृक्क एरिथरपोइटिन (Erythropoietin) नामक हार्मोन द्वारा लाल रुधिराणुओ के तेजी से बनने में सहायक होता है
*यह कुछ पोषक तत्वों के अधिशेष भाग जैसे शर्करा अमीनो अमल आदि का निष्कासन करता है
*यह बाहरी पदार्थों जैसे दवाइयां, विष इत्यादि जिनका शरीर में कोई प्रयोजन नहीं होता है, का निष्कासन करता है