"तत्त्वमीमांसा": अवतरणों में अंतर

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दर्शनशास्त्र की कई शाखाएँ हैं,जिनमें से एक तत्व मीमांसा भी है। तत्त्व मीमांसा दर्शनशास्त्र की वह शाखा है,जो ब्रह्मांड के परम तत्व / ईश्वर की खोज करते हुये उसके परम स्वरूप का विवेचन करती है। इसका प्रमुख विषय वो परम तत्व ही होता है जो इस संसार के होने का कारण है और इस संसार का आधार है। इसमें उस परम तत्व के अस्तित्व को खोजने की कोशिश की जाती है। इसमें परम तत्व की व्याख्या कई प्रकार से की जाती है। कई उसे आकार रूप मानकर परिभाषित करते हैं,तो कई उसे निराकर रूप मानते हैं।
 
(Metaphysics)तत्त्वमीमांसा, [[दर्शन]] की वह शाखा है जो किसी ज्ञान की शाखा के वास्तविकता (reality) का अध्ययन करती है। परम्परागत रूप से इसकी दो शाखाएँ हैं - ब्रह्माण्ड विद्या (Cosmology) तथा [[सत्तामीमांसा]] या आन्टोलॉजी (ontology)।आन्टोलॉजी।
 
तत्वमीमांसा में प्रमुख प्रश्न ये हैं-
# ज्ञान के अतिरिक्त ज्ञाता और ज्ञेय का भी अस्तित्व है
 
 
== तत्वमीमांसा ==
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