"मेहता लज्जाराम शर्मा" के अवतरणों में अंतर

 
पत्रकारिता के साथ ही उन्होंने साहित्य लेखन का कार्य जारी रखा। उन्होंने कुल २३ पुस्तकें लिखी। इनमें १३ उपन्यास हैं। उपन्यासों के साथ ही उन्होंने कहानी, जीवन चरित, इतिहास आदि भी लिखा। उपन्यास के साथ ही उन्होंने ज्ञान साहित्य के निर्माण की ओ्र भी ध्यान दिया। बूंदी में रहते हुए उन्होंने वहाँ का इतिहास लिखा।
== रचनाें ==