"सिद्ध साहित्य" के अवतरणों में अंतर

* धामपा -- सुगत दृष्टिगीतिकाचर्या
== आलोचना ==
इनकेसिद्ध साहित्य को आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने सांप्रदायिक शिक्षा मात्र कहा जिनका बाद में हजारी प्रसाद द्विवेदी ने खंडन किया।।
 
==सन्दर्भ==