"रसखान": अवतरणों में अंतर

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== परिचय ==
रसखान के जन्म के सम्बंध में विद्वानों में मतभेद पाया जाता है। रसखान के अनुसार गदर के कारण [[दिल्ली]] शमशान बन चुकी थी, तब दिल्ली छोड़कर वह [[बृज|ब्रज]] ([[मथुरा]]) चले गए। ऐतिहासिक साक्ष्य के आधार पर पता चलता है कि उपर्युक्त गदर सन् 1613 ई. में हुआ था। उनकी बात से ऐसा प्रतीत होता है कि वह उस समय वयस्क हो चुके थे।थे।इनके सम्बन्ध मे किंवदन्ती प्रचलित है कि ये किस बनिये की लडकी के सौन्दर्य पर आसक्त थे ।उनका यह सौन्दर्य प्रेम मे चलकर कृष्णभक्ति मे परिणत हो गया
 
रसखान का जन्म संवत् 1548 ई. मानना अधिक समीचीन प्रतीत होता है। भवानी शंकर याज्ञिक का भी यही मानना है। अनेक तथ्यों के आधार पर उन्होंने अपने मत की पुष्टि भी की है। ऐतिहासिक ग्रंथों के आधार पर भी यही तथ्य सामने आता है। यह मानना अधिक प्रभावशाली प्रतीत होता है कि रसखान का जन्म सन् 1548 ई. में हुआ था।
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