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खाद्य पदार्थों में की प्रकार की वसा होती है। इनमें से प्रमुख तीन प्रकार की होती हैं, संतृप्त (सैच्युरेटेड), एकलअसंतृप्त (मोनो अनसेचुरेटेड) और बहुअसंतृप्त (पॉली अनसेचुरेटेड)।<ref>[http://www.livehindustan.com/news/tayaarinews/tips/67-77-73373.html कुकिंग ऑयल]।</ref>
 
===संतृप्त वसा===
संतृप्त वसा नुकसानदेह [[एलडीएल]] [[कोलेस्ट्रॉल]] बढ़ाती है, इसे सीमित मात्र में ही लेना चाहिए। मक्खन, शुद्ध घी, वनस्पति घी, नारियल और ताड़ का तेल संतृप्त वसा के प्रमुख भंडार हैं। ठोस नजर आने वाले हाइड्रोजिनेटिड वनस्पति घी में ट्रांस-फैट एसिड होते हैं। ये भी नुकसानदेह होते हैं।
===असंतृप्त वसा===
असंतृप्त वसा कोलेस्ट्रॉल के [[एचडीएल]] अंश बढ़ाती है। यह सीमित मात्र में ठीक कही जा सकती है।
प्रायः भोजन में एकलअसंतृप्त वसा और बहुअसंतृप्त वसा समान मात्र में हो तो ठीक रहता है। एलडिएल कोलेस्ट्रॉल घटाना हेतु, संतृप्त वसा कम कर दें और एकलअसंतृप्त वसा बढ़ा दें। एकलअसंतृप्त वसा के प्रमुख स्रोत मूंगफली, सरसों और जैतून के तेल हैं, जबकि करडी, सूरजमुखी, सोयाबीन और मकई के तेलों में बहुअसंतृप्त वसा अधिक होती है। कुछ पकवान एक प्रकार के और कुछ अन्य तेलों में बनाने चाहिये। इससे एकलअसंतृप्त और बहु-असंतृप्त वसा दोनों की पूर्ति होती रहती है।