"चीज़ (पाश्चात्य पनीर)": अवतरणों में अंतर

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[[File:Kaasmarkt2 close.jpg|thumb|300px|Wheels of [[Gouda (cheese)|Gouda]] at a cheese market]]
[[दूध]] से निर्मित भोज्य पदार्थों के एक विविधतापूर्ण समूह का नाम '''चीज़''' (Cheese) है। विश्व के लगभग सभी भागों में भिन्न-भिन्न रंग-रूप एवं स्वाद की चीज़ बनायी जाती हैं।
 
चीज़ मूलतः शाकाहार है। इसमें उच्च गुणवत्ता के [[प्रोटीन]] व [[कैल्शियम]] के अलावा, [[फास्फोरस]], [[जिंक]] [[विटामिन ए]], [[रीबोफ्लेविन]] व [[विटामिन बी2]] जैसे पोषक तत्त्व भी पाए जाते हैं। यह दांतों के इनैमल की भी रक्षा करता है और दाँतों को सड़न से बचाता है।
 
==चीज़ से स्वास्थ्य को लाभ==
चीज़ से अनिवार्य पोषक तत्वों का अच्छा मेल है। खास तौर पर उच्च गुणवत्ता के प्रोटीन व कैल्शियम के अलावा, फास्फोरस, जिंक, विटामिन ए, रीबोफ्लेविन व विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। प्रयोग में लाए गए दूध व चीज़ बनाने की प्रक्रिया का, चीज़ के पोषक तत्त्वों पर प्रभाव पड़ता है। जो व्यक्ति अपने आहार में वसा को शामिल करना नहीं चाहते, उनके लिए कम वसा युक्त चीज़ भी उपलब्ध है।
 
चेड्डर, स्विस, ब्ल्यू, मोंटीरे, जैक व प्रोसेस्ड चीज़ जैसे कई चीज़ सेवन के लिए बड़े फायदेमन्द हैं। इनसे दाँतों में कीड़े लगने का खतरा कम होता है। लार का प्रवाह उत्तेजित होता है, जिससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
 
चीज़ में उपस्थित दुग्ध प्रोटीन अपनी प्रतिरोधक क्षमता द्वारा प्लेक (Plaque) बनाने वाले अम्लों को उदासीन कर देता है। इससे दांतों के इनैमल की भी रक्षा होती है। दांतों की सड़न भी कम होती है, तभी तो डॉक्टर भोजन या स्नैक खाने के तुरंत बाद चीज़ खाने की सलाह देते हैं।
 
चेड्डर व स्विस जैसे कई चीजों में लैक्टोस नहीं पाया जाता है किन्तु ये कैल्शियम व अनेक पोषक पदार्थों का महत्वपूर्ण स्रोत्र हैं, जिन्हें लैक्टोस पचाने में कठिनाई हो वे इन चीज़ को भरपूर मात्रा में इस्तेमाल कर सकते हैं।
 
कैल्शियम से भरपूर चीज़ को आहार में लेने से ऑस्टियोपोरोसिस को घटाया जा सकता है। उच्च रक्तचाप के खतरे को घटाने के लिए हाइपरटेंशन आहार में भी चीज़ की थोड़ी मात्रा शामिल कर सकते हैं। इस आहार में वसा युक्त दूध, दही, कम वसा युक्त चीज़ व फलों की तीन सर्विंग शामिल होती हैं, जिनसे हृदय रोग, एल डी एच कौलेस्ट्रॉल व होमोसिस्टीन का खतरा घटता है। कुल मिलाकर चीज़ की उच्च पौष्टिकता व स्वास्थ्य में इसकी लाभदायक भूमिका, इसे स्वस्थ आहार का एक अंग बनाती है।
 
==चीज़ निर्माण प्रक्रिया व चीज़ के प्रकार==
चीज़ बनाने के लिए पाँच प्रकार का दूध प्रयोग होता है-
 
1. [[गाय]]
 
2. [[बकरी]]
 
3. [[भेड़]]
 
4. [[भैंस]]
 
5. मिश्रित दूध।
 
चीज़ को उसकी गंध, स्वाद व उपयोग किए गए दूध की गुणवत्ता से पहचाना जा सकता है। ताजा चीज़ अनपके [[दही]] की तरह होता है, जिसे पकाने के तुरंत बाद खा सकते हैं। मुलायम चीज़ उच्च कैलोरी युक्त होता है व आसानी से फैलाया जा सकता है। कम सख्त चीज़ कम नमी वाला होता है, जिसे सख्त चीज़ की तुलना में आसानी से काटा जा सकता है। सख्त चीज़ में नमी की मात्रा अपेक्षाकृत कम व वसा की मात्रा अधिक होती है।
 
चीज़ की सख्ती उसके प्रकार पर निर्भर करती है। ये नरम मुलायम से लेकर काफी सख्त तक हो सकते हैं। आमतौर पर यह [[गाय]] के दूध से बनता है पर इसे बकरी व भेड़ के दूध से भी बना सकते हैं। इसकी बनावट व रंग-रूप से अंतर पता चला जाता है क्योंकि बकरी के दूध का चीज़ गाय के दूध से बने चीज़ की तुलना में भुरभुरा होता है।
 
 
===ताज़ा व मुलायम चीज़===
1. [[पनीर]]
 
2. क्रीम चीज़
 
3. कर्ड चीज़
 
4. ब्री (फ्रेंच चीज़)
 
5. कैममबर्ट चीज़
 
6. मौज़रेला चीज़
 
7. रिकोट्टा चीज़
 
8. रॉयल फ्रेंच चीज़
 
===कम सख्त चीज़===
1. मांचेगो
 
2. कैंटल
 
3. चैशायर
 
4. इमेंटल
 
5. डनलप
 
6. गेरूयेरे
 
7. चैड्डर
 
8. एडम चीज़
 
=== सख्त व धुआं दिया हुआ चीज़===
 
1. पारमेसन चीज़ (इटली का)
 
2. सपसागो (स्विस चीज़)
 
3. स्मोक्ड इमेंटल (चेक चीज़)
 
4. माईसैला (डेनिश चीज़)
 
===ब्ल्यू चीज़===
 
1. डेनिश ब्ल्यू चीज़
 
2. ब्ल्यू चैशायर चीज़
 
3. बैवेरियन ब्ल्यू चीज़
 
==चीज़ का भंडारण==
1. चीज़ घर लाने के बाद पैकेट में ही रहने दें व फ्रिज के सबसे ठंडे हिस्से में रखें। इससे हवा का प्रसार घटेगा व चीज़ पर कीटाणु नहीं पनप पाएंगे।
 
2. पारमेसन व चेड्डर जैसे सख्त चीज़ को फ्रिजर में भी रख सकते हैं। जरूरत पड़ने पर उसे गला लें। इस्तेमाल से दो घंटे पहले, फ्रिज से निकाल लें। यदि झटपट गलाएंगे तो उसकी नमी व नरमी घट सकती हैं।
 
3. बेहतर होगा कि ताजा चीज़ खरीद कर ही इस्तेमाल करें क्योंकि कमरे के तापमान पर चीज़ अनुकूल रहता है।
 
4. चीज़ को कितनी भी सावधानी से क्यों न रखा जाए वह लगातार खराब होता है। सख्त चीज़ एक महीने तक रखा जा सकता है लेकिन मुलायम चीज़ पैकेट खोलने के 1-2 सप्ताह के भीतर ही इस्तेमाल करना चाहिए। (चीज़ को हवा बंद डिब्बों में रखें।)
 
5. कतरे/कद्दूकस चीज़ पर फफूंदी लगती है इसलिए इसे कुछ ही दिनों में इस्तेमाल कर लें।
 
==चीज़ के लोकप्रिय प्रकार==
1. कॉटेज़ चीज़ (पनीर): यह गाय के दूध से बनता है पर घर में आप इसे भैंस के या टोंड-दूध से भी बना सकते हैं। यह कई भारतीय शाकाहरी व्यंजनों, कांटिनेटल व्यंजनों/ सलाद व चीज़ केक में इस्तेमाल होता है। इस दानेदार व फेंटे दही जैसे चीज़ में क्रीम व बनावट होती है।
 
2. क्रीम चीज़: यह नरम चीज़ भी पनीर की तरह ही बनता है पर वह गाय के फुल क्रीम दूध से बनता है। यह सफेद, मुलायम व हल्की गंध वाला होता है। इससे चीज़ केक, सैंडविच स्प्रेड़ व क्रीम क्रेकर बिस्कुट बनाए जाते हैं।
 
3. पारमेसन चीज़: इस इटैलियन सख्त चीज़ का स्वाद तीखा व फलों जैसा होता है। यह प्राय: सभी खाद्य पदार्थों के लिए अनुकूल है तथा पिज़्ज़ा से लेकर पास्ता तक किसी भी चीज़ पर छिड़का जा सकता है। इसे सूप व चावल में भी मिला सकते हैं। गाय के दूध से बना चीज़ सख्त व दानेदार बनावट वाला होता है जिसे भोजन के बाद भी परोस सकते हैं।
 
4. चेड्डर चीज़: यह ज्यादा स्वादिष्ट व लोकप्रिय चीज़ है। यह सफेद रंग का हल्का सख्त व तीखे स्वाद वाला चीज़ है। यह अंग्रेजी व अमरीकन चेड्डर के रूप में मिलता है। इसे क्रेकर व शराब के साथ टेबल चीज़ के रूप में तथा पकाने व बेकिंग के लिए प्रयोग कर सकते हैं।
 
5. रिकोट्टा चीज़: यह इटैलियन चीज़ भी गाय के दूध के मट्ठे से बनता है। इसका दूध जैसा स्वाद इसे कई इटैलियन मीठे व्यंजनों-चीज़ क्रेकर आदि के लायक बनाता है। यह लसागने व पिज़्ज़ा के काम भी आता है।
 
6. मौज़रेला चीज़: यह नरम बनावट का चीज़ हल्के क्रीमी स्वाद वाला होता है। यह पिज़्ज़ा, लसागने व ग्रिल्ड सैंडविच बनाने के काम आता है।
 
== बाहरी कड़ियाँ ==