"गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय" के अवतरणों में अंतर

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'''गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय''' की आधारशिला [[चैतन्य महाप्रभु]] के द्वारा रखी गई। उनके द्वारा प्रारंभ किए गए महामंत्र नाम संकीर्तन का अत्यंत व्यापक व सकारात्मक प्रभाव आज पश्चिमी जगत तक में है।कृष्णकृपामूर्ती श्री श्रीमद् अभयचरणारविन्द [[भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद]] को गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय के पश्चिमी जगत के आज तक के सर्वश्रेष्ठ प्रचारक माने जाते हैं।
 
राधा रमण मन्दिर
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