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अपरेशन उपरांत रोगी को घर ले जाने के लिये परिवार का कोई वयस्क सदस्य या मित्र उसके साथ आना चाहिए। उनके लिये वाहन चलाना या अकेले वापस जाना सुरक्षित नहीं है। मरीज को अपनी सर्जरी के बाद पहले दिन किसी वयस्क को घर मे अपने साथ ठहराना चाहिये। इसकी सर्जरी में १-२ घंटे लगते हैं।
==स्थापन==
===तैयारी ===
यदि रोगी रक्त को पतला करने वाले पदार्थ लेते है या यदि उन्हें मधुमेह है, तो चिकित्सक से पहले परामर्श ले लेना चाहिये। सर्जरी से पहले मध्य रात्रि के बाद पानी सहित कुछ भी न खाना चाहिये न पीना। यदि कोई नियमित दवाएं ली जाती हैं तो रोही अपने चिकित्सक से पूछें कि क्या आपको अपनी सर्जरी की सुबह अपनी दवाएँ लेनी चाहिए।यदि हाँ तो केवल पानी की चुस्कियों के साथ ले लें। <ref name="ऑनलाइन"/>
 
===सर्जरी===
पेसमेकर लगाने के आपरेशन में रोगी की बाँह में नस में एक आई. वी. डाली जाती है। फिर नींद लाने के लिये आई.वी. के माध्यम से दवाएँ दी जाती है। गर्दन या सीने को साफ़ किया जाता है। हो सकता है कि पुरूषों के सीने के बाल काटे जाएँ।त्वचा को सुन्न किया जाता है। तार की लीडें ह्रदय की मांसपेशी में रखी जाती है।प्रत्येक तार का दूसरा सिरा पेसमेकर से जोडा जाता है।पेसमेकर त्वचा के नीचे एक छोटे से स्थान में रखा जाता है। चीरों को टांको से बंद कर दिया जाता है।दोनो जगहों को पट्टियों या टेप के टुकडे से ढ़का जाता है।
 
===शल्य क्रिया उपरांत===
[[File:Herzschrittmacher_auf_Roentgenbild.jpg|thumb|200px|पेसमेकर की [[एक्स-रे]] छवि, उसके तारों का मार्ग दिखाते हुए।]]
अस्पताल में रोगी की प्रभावित जगह पर बर्फ़ की पोटली रखी जा सकती है।रक्तचाप, ह्रदय की दर और चीरों की बार-बार जाँच की जाएगी।बिस्तर के सिरहाने को उठा दिया जाता है। रोगी को बाँह को उस तरफ़ अपने सिर से ऊपर नहीं उठाना चाहिये जिस तरफ़ पेसमेकर रखा हो।फ़ेफ़डों और पेसमेकर की जाँच करने के लिये उनके सीने का एक्स-रे किया जाटा है। संक्रमण रोकने के लिये आपकी आई.वी. में प्रतिजैविक दवाएँ दी जाती है।