"बिहार का मध्यकालीन इतिहास" के अवतरणों में अंतर

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तुगलक वंश की स्थापना गयासुद्दीन तुगलक (गाजी मलिक ) ने १३२० ई. में दिल्ली सुल्तान खुसराव खान का अन्त करके की।
 
गयासुद्दीन का अन्तिम सैन्य अभियान बंगाल विजय थी। उसने १३२४ ई. में बंगाल-बिहार के लिए सैन्य अभियान भेजा। लखनौती शासक नसीरुद्दीन ने समर्पण कर दिया परन्तु सोनार गाँव के शासक गयासुद्दीन ने समर्पण कर दिया परन्तु सोनार गाँव के शासक गयासुद्दीन बहादुर ने विरोध किया, जिसे पराजित कर दिल्ली भेज दिया गया।
 
तुगलक वंश के समय में ही मुख्य रुप से बिहार पर दिल्ली के सुल्तानों का महत्वपूर्ण वर्चस्व कायम हुआ। गयासुद्दीन तुगलक ने १३२४ ई. में बंगाल अभियान से लौटते समय उत्तर बिहार के कर्नाट वंशीय शासक हरिसिंह देव को पराजित किया। इस प्रकार तुर्क सेना ने तिरहुत की राजधानी डुमरॉवगढ़ पर अधिकार कर लिया और अहमद नामक को राज्य की कमान सौंपकर दिल्ली लौट गया। गयासुद्दीन की १३२५ ई. में मृत्यु के बाद उसका पुत्र उलूख खान बाद में जौना सा मुहम्मद-बिन-तुगलक नाम से दिल्ली का सुल्तान बना।
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