"भारत का ध्वज" के अवतरणों में अंतर

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{{आज का आलेख}}{{निर्वाचित लेख परख}}
{{ज्ञानसन्दूक ध्वज
सरकारी झंडा निर्दिष्टीकरण के अनुसार झंडा [[खादी]]में ही बनना चाहिए। यह एक विशेष प्रकार से हाथ से काते गए कपड़े से बनता है जो [[महात्मा गांधी]] द्वारा लोकप्रिय हुआ था। इन सभी विशिष्टताओं को व्यापक रूप से भारत में सम्मान दिया जाता हैं<!-- , पर प्रायः देश के बाहर भारतीय झंडे के विनिर्माण में उपेक्षा की जाती हैं --> [[भारतीय ध्वज संहिता]] के द्वारा इसके प्रदर्शन और प्रयोग पर विशेष नियंत्रण हैं। <ref name="NIC">{{cite web|url=http://web.archive.org/web/20060110155908/http://mha.nic.in/nationalflag2002.htm|title=फ़्लैग कोड ऑफ इंडिया|accessdate=११ अक्तूबर, २००६|date=२५ जनवरी, २००६|publisher=[[गृह मंत्रालय, भारत सरकार]]}}</ref> ध्वज का हेराल्डिक वर्णन इस प्रकार से होता है:<br />''Party per fess Saffron and Vert on a fess Argent a "Chakra" Azure.''
 
== तिरंगे का विकास ==
[[चित्र:01iflag.jpg|right|thumb|<!-- भारत का --> प्रथम अनाधिकारिक ध्‍वज]]
[[चित्र:02iflag.jpg|right|thumb|१९०७ में [[भीका‍जी कामा]] द्वारा फहराया गया [[बर्लिन]] समिति का ध्‍वज]]
* *'''प्रथम चित्रित''' ध्वज [[१९०४]] में [[स्वामी विवेकानंद]] की शिष्या भगिनी निवेदिता द्वारा बनाया गया था।<ref name="तरकश"/>[[७ अगस्त]], [[१९०६]] को पारसी बागान चौक (''ग्रीन पार्क'') [[कलकत्ता]] (वर्तमान [[कोलकाता]]) में इसे कांग्रेस के अधिवेशन में फहराया गया था। इस ध्वज को [[लाल]], [[पीला|पीले]] और [[हरा|हरे]] रंग की क्षैतिज पट्टियों से बनाया गया था। ऊपर की ओर हरी पट्टी में आठ [[कमल]] थे और नीचे की लाल पट्टी में [[सूरज]] और [[चाँद]] बनाए गए थे। बीच की [[पीला|पीली]] पट्टी पर'' वंदेमातरम्'' लिखा गया था।<ref name="भास्कर"/>
<br />
* '''द्वितीय ध्वज''' को पेरिस में [[भीकाजी कामा|मैडम कामा]] और [[१९०७]] में उनके साथ निर्वासित किए गए कुछ क्रांतिकारियों द्वारा फहराया गया था। कुछ लोगों की मान्यता के अनुसार यह [[१९०५]] में हुआ था। यह भी पहले ध्वज के समान था सिवाय इसके कि इसमें सबसे ऊपर की पट्टी पर केवल एक कमल था किंतु सात तारे [[सप्तऋषि|सप्तऋषियों]] को दर्शाते थे। यह ध्वज [[बर्लिन]] में हुए समाजवादी सम्मेलन में भी प्रदर्शित किया गया था।<ref name="तरकश">[http://www.tarakash.com/200808151523/Knowledge-Base/90-years-of-indian-national-flag.html भारतीय राष्ट्रध्वज का 90 वर्षों का इतिहास]।तरकश.कॉम।</ref>
<br />
* [[१९१७]] में भारतीय राजनैतिक संघर्ष ने एक निश्चित मोड़ लिया। डॉ. [[एनी बीसेंट]] और [[लोकमान्य तिलक]] ने घरेलू शासन आंदोलन के दौरान '''तृतीय चित्रित''' ध्वज को फहराया। इस ध्वज में ५ लाल और ४ हरी क्षैतिज पट्टियां एक के बाद एक और सप्ततऋषि के अभिविन्यास में इस पर सात सितारे बने थे। ऊपरी किनारे पर बायीं ओर (खंभे की ओर) यूनियन जैक था। एक कोने में सफेद अर्धचंद्र और सितारा भी था।
<br />
* कांग्रेस के सत्र बेजवाड़ा (वर्तमान [[विजयवाड़ा]]) में किया गया यहाँ [[आंध्र प्रदेश]] के एक युवक [[पिंगली वैंकैया]] ने एक झंडा बनाया ('''चौथा चित्र''') और गांधी जी को दिया। यह दो रंगों का बना था। लाल और हरा रंग जो दो प्रमुख समुदायों अर्थात हिन्दू और मुस्लिम का प्रतिनिधित्वं करता है। गांधी जी ने सुझाव दिया कि भारत के शेष समुदाय का प्रतिनिधित्व करने के लिए इसमें एक सफेद पट्टी और राष्ट्र की प्रगति का संकेत देने के लिए एक चलता हुआ [[चरखा]] होना चाहिए।
<br />
* वर्ष [[१९३१]] तिरंगे के इतिहास में एक स्मरणीय वर्ष है। तिरंगे ध्वज को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया और इसे राष्ट्र-ध्वज के रूप में मान्यता मिली।<ref name="तरकश"/> यह ध्वज जो वर्तमान स्वरूप का पूर्वज है, केसरिया, सफेद और मध्य में गांधी जी के चलते हुए चरखे के साथ था। यह भी स्पष्ट रूप से बताया गया था कि इसका कोई साम्प्रदायिक महत्त्व नहीं था।
<br />
* [[२२ जुलाई]] [[१९४७]] को [[भारतीय संविधान|संविधान सभा]] ने '''वर्तमान ध्वज''' को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया। स्वतंत्रता मिलने के बाद इसके रंग और उनका महत्व बना रहा। केवल ध्वज में चलते हुए चरखे के स्थान पर सम्राट अशोक के धर्म चक्र को स्थान दिया गया। इस प्रकार [[भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस|कांग्रेस पार्टी]] का तिरंगा ध्वज अंतत: स्वतंत्र भारत का तिरंगा ध्वज बना।<ref name="भास्कर"/>
;ब्रिटिश कालीन झंडे
<gallery>
</gallery>
 
== रंग-रूप ==
[[Fileचित्र:Ashoka Chakra.svg|thumb|अशोक चक्र, "धर्म का पहिया (धर्म)]]
भारत के राष्‍ट्रीय ध्‍वज की ऊपरी पट्टी में [[केसरिया रंग]] है जो देश की शक्ति और साहस को दर्शाता है। बीच की पट्टी का [[श्वेत]] धर्म चक्र के साथ शांति और सत्य का प्रतीक है। निचली हरी पट्टी उर्वरता, वृद्धि और भूमि की पवित्रता को दर्शाती है। सफ़ेद पट्टी पर बना चक्र को '''धर्म चक्र''' कहते हैं। इस धर्म चक्र को विधि का चक्र कहते हैं जो [[तृतीय शताब्दी]] ईसा पूर्व [[मौर्य राजवंश|मौर्य सम्राट]] [[अशोक]] द्वारा बनाए गए [[सारनाथ]] मंदिर से लिया गया है। इस चक्र को प्रदर्शित करने का आशय यह है कि जीवन गति‍शील है और रुकने का अर्थ मृत्यु है।<ref name="भास्कर"/>
 
आधिकारिक (सीएमवाइके) शीर्ष पट्टी के मूल (0,50,90,0)-रंग [[कद्दू]] के सबसे करीब-सीएमवाइके (0,54,90,0 के साथ); ट्रू डीप भगवा (23, 81, 5)) और (0, 24, 85, 15)) हैं।<ref name="FOTW"/>
 
== विनिर्माण प्रक्रिया ==
 
{| class="wikitable" style="float:left;clear:left;margin:0 1em 0।5em O;text-align:center;white-space:nowrap"
| 150 × 100
|}
[[Fileचित्र:India flag emblem.jpg|right|200px|thumb|विधान सौदा बेंगलुरु (बंगलोर) के ऊपर भारतीय झंडा और राज्य प्रतीक]]
[[१९५०]] में भारत के [[गणतंत्र]] बनने के उपरांत, [[भारतीय मानक ब्यूरो|भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस)]] ने [[१९५१]] में पहली बार ध्वज की कुछ विशिष्टताएँ बताईं। ये १९६४ में संशोधित की गयीं, जो भारत में [[अंतर्राष्ट्रीय इकाई प्रणाली|मीट्रिक प्रणाली]] के अनुरूप थीं। इन निर्देशों को आगे चलकर [[१७ अगस्त]] [[१९६८]] में संशोधित किया गया। ये दिशा निर्देश अत्यंत कड़े हैं और झंडे के विनिर्माण में कोई दोष एक गंभीर अपराध समझा जाता है, जिसके लिए जुर्माना या जेल या दोनों भी हो सकते हैं। <ref name="KVIC">{{cite news |first =श्याम सुंदर |last =वत्तम|url =http://www।deccanherald।com/deccanherald/jun152004/spt2।asp|archiveurl =http://web।archive।org/web/20060522230211/http://www।deccanherald।com/deccanherald/jun152004/spt2।asp|archivedate=2006-05-22|title =वाय ऑल नेशनल फ़्लैग्स बी मेड इन हुबली? |publisher =डक्कन हेरल्ड |date =१५ जून, २००४|accessdate =2006-10-11}}</ref>
 
बुनाई पूरी होने के बाद, सामग्री को परीक्षण के लिए बीआईएस प्रयोगशालाओं में भेजा जाता है। कड़े गुणवत्ता परीक्षण करने के बाद, यदि झंडा अनुमोदित हो जाता है तो, उसे कारखाने वापस भेज दिया जाता है। तब उसे प्रक्षालित कर संबंधित रंगों में रंग दिया जाता है। केंद्र में अशोक चक्र को स्क्रीन मुद्रित, स्टेंसिल्ड या काढा जाता है। विशेष ध्यान इस बात को दिया जाना चाहिए कि चक्र अच्छी तरह से मिलता हो और दोनों तरफ ठीक से दिखाई देता हो। बीआईएस झंडे की जांच करता है और तभी वह बेचा जा सकता हैं।<ref name="KVIC"/> भारत में सालाना लगभग चार करोड़ झंडे बिकते हैं। भारत में सबसे बड़ा झंडा {{nowrap|(६१३ × ४१२ मी.)}} राज्य प्रशासनिक मुख्यालय, [[महाराष्ट्र]] के मंत्रालय भवन से फहराया जाता है।<ref name="Bhatt"/>
 
== ध्वज संहिता ==
{{मुख्य|भारतीय ध्वज संहिता}}
{{भारत के राष्ट्रीय प्रतीक}}
२६ जनवरी २००२ विधान पर आधारित कुछ नियम और विनियमन हैं कि ध्वज को किस प्रकार फहराया जाए :
 
* राष्ट्रीय ध्वज को शैक्षिक संस्थानों (विद्यालयों, महाविद्यालयों, खेल परिसरों, स्काउट शिविरों आदि) में ध्वज को सम्मान की प्रेरणा देने के लिए फहराया जा सकता है। विद्यालयों में ध्वज-आरोहण में निष्ठा की एक शपथ शामिल की गई है।
* किसी सार्वजनिक, निजी संगठन या एक शैक्षिक संस्थान के सदस्य द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का अरोहण/प्रदर्शन सभी दिनों और अवसरों, आयोजनों पर अन्यथा राष्ट्रीय ध्वज के मान सम्‍मान और प्रतिष्‍ठा के अनुरूप अवसरों पर किया जा सकता है।
* नई संहिता की धारा २ में सभी निजी नागरिकों अपने परिसरों में ध्वज फहराने का अधिकार देना स्‍वीकार किया गया है।
* इस ध्वज को सांप्रदायिक लाभ, पर्दें या वस्‍त्रों के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता है। जहां तक संभव हो इसे मौसम से प्रभावित हुए बिना सूर्योदय से सूर्यास्‍त तक फहराया जाना चाहिए।
* इस ध्वज को आशय पूर्वक भूमि, फर्श या पानी से स्‍पर्श नहीं कराया जाना चाहिए। इसे वाहनों के हुड, ऊपर और बगल या पीछे, रेलों, नावों या वायुयान पर लपेटा नहीं जा सकता।
* किसी अन्‍य ध्वज या ध्वज पट्ट को राष्ट्रीय ध्वज से ऊंचे स्‍थान पर लगाया नहीं जा सकता है। तिरंगे ध्वज को वंदनवार, ध्वज पट्ट या गुलाब के समान संरचना बनाकर उपयोग नहीं किया जा सकता।
 
अधिक जानकारी [http://www.mha.gov.in/pdfs_hin/Jhanda-Hindi.pdf भारतीय ध्वज संहिता] में देखी जा सकती है। भारतीय राष्ट्रीय ध्वज भारत के नागरिकों की आशाएं और आकांक्षाएं दर्शाता है। यह देश के राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक है।
 
=== सँभालने की विधि ===
[[Fileचित्र:India-flag-horiz-vert.svg|200px|left|झंडे का सही प्रदर्शन]]
झंडे को संभालने और प्रदर्शित करने के अनेक परंपरागत नियमों का पालन करना चाहिए। यदि खुले में झंडा फहराया जा रहा है तो हमेशा [[सूर्योदय]] पर फहराया जाना चाहिए और [[सूर्यास्त]] पर उतॅर देना चाहिए चाहे मौसम की स्थिति कैसी भी हो। कुछ विशेष परिस्थितियों में ध्वज को रात के समय एक सरकारी इमारत पर फहराया जा सकता है।
 
 
=== दीवार पर प्रदर्शन ===
[[Fileचित्र:IndiaFlagTwoNations.png|right|150px]]
झंडे को सही रूप में प्रदर्शित करने के लिए कुछ नियमों का पालन करना पड़ता है। यदि ये किसी भी मंच के पीछे दीवार पर समानान्तर रूप से फैला दिए गए हैं तो उनका फहराव एक दूसरे के पास होने चाहिए और भगवा रंग सबसे ऊपर होना चाहिए। यदि ध्वज दीवार पर एक छोटे से ध्वज स्तम्भ पर प्रदर्शित है तो उसे एक कोण पर रख कर लटकाना चाहिए। यदि दो राष्ट्रीय झंडे प्रदर्शित किए जा रहे हैं तो उल्टी दिशा में रखना चाहिए, उनके फहराव करीब होना चाहिए और उन्हें पूरी तरह फैलाना चाहिए। झंडे का प्रयोग किसी भी मेज, मंच या भवनों, या किसी घेराव को ढकने के लिए नहीं करना चाहिए। <ref name="NIC"/>
 
=== अन्य देशों के साथ ===
जब राष्ट्रीय ध्वज किसी कम्पनी में अन्य देशों के ध्वजों के साथ बाहर खुले में फहराया जा रहा हो तो उसके लिए भी अनेक नियमों का पालन करना होगा। उसे हमेशा सम्मान दिया जाना चाहिए। इसका अर्थ यह है कि झंडा सबसे दाईं ओर (प्रेक्षकों के लिए बाईं ओर) हो। लाटिन वर्णमाला के अनुसार अन्य देशों के झंडे व्यवस्थित होने चाहिए। सभी झंडे लगभग एक ही आकार के होने चाहिए, कोई भी ध्वज भारतीय ध्वज की तुलना में बड़ा नहीं होना चाहिए। प्रत्येक देश का झंडा एक अलग स्तम्भ पर होना चाहिए, किसी भी देश का राष्ट्रीय ध्वज एक के ऊपर एक, एक ही स्तम्भ पर फहराना नहीं चाहिए। ऐसे समय में भारतीय ध्वज को शुरू में, अंत में रखा जाए और वर्णक्रम में अन्य देशों के साथ भी रखा जाए। यदि झंडों को गोलाकार में फहराना हो तो राष्ट्रीय ध्वज को चक्र के शुरुआत में रख कर अन्य देशों के झंडे को [[दक्षिणावर्त]] तरीके से रखा जाना चाहिए, जब तक कि कोई ध्वज राष्ट्रीय ध्वज के बगल में न आ जाए। भारत का राष्ट्रीय ध्वज हमेशा पहले फहराया जाना चाहिए और सबसे बाद में उतारा जाना चाहिए।
 
 
=== गैर राष्ट्रीय झंडों के साथ ===
[[Fileचित्र:IndiaFlagNonNational.png|right|170px]]
जब झंडा अन्य झंडों के साथ फहराया जा रहा हो, जैसे कॉर्पोरेट झंडे, विज्ञापन के बैनर हों तो नियमानुसार अन्य झंडे अलग स्तंभों पर हैं तो राष्ट्रीय झंडा बीच में होना चाहिए, या प्रेक्षकों के लिए सबसे बाईं ओर होना चाहिए या अन्य झंडों से एक चौडाई ऊंचीं होनी चाहिए। राष्ट्रीय ध्वज का स्तम्भ अन्य स्तंभों से आगे होना चाहिए, यदि ये एक ही समूह में हैं तो सबसे ऊपर होना चाहिए। यदि झंडे को अन्य झंडों के साथ जुलूस में ले जाया जा रहा हो तो झंडे को जुलूस में सबसे आगे होना चाहिए, यदि इसे कई झंडों के साथ ले जाया जा रहा है तो इसे जुलूस में सबसे आगे होना चाहिए। <ref name="NIC"/>
 
=== घर के अंदर प्रदर्शित झंडा ===
जब झंडा किसी बंद कमरे में, सार्वजनिक बैठकों में या किसी भी प्रकार के सम्मेलनों में, प्रदर्शित किया जाता है तो दाईं ओर (प्रेक्षकों के बाईं ओर) रखा जाना चाहिए क्योंकि यह स्थान अधिकारिक होता है। जब झंडा हॉल या अन्य बैठक में एक वक्ता के बगल में प्रदर्शित किया जा रहा हो तो यह वक्ता के दाहिने हाथ पर रखा जाना चाहिए। जब ये हॉल के अन्य जगह पर प्रदर्शित किया जाता है, तो उसे दर्शकों के दाहिने ओर रखा जाना चाहिए।
[[Fileचित्र:IndiaFlagIndoors.png|right|170px]]
भगवा पट्टी को ऊपर रखते हुए इस ध्वज को पूरी तरह से फैला कर प्रदर्शित करना चाहिए। यदि ध्वज को मंच के पीछे की दीवार पर लंब में लटका दिया गया है तो, भगवा पट्टी को ऊपर रखते हुए दर्शेकों के सामने रखना चाहिए ताकि शीर्ष ऊपर की ओर हो। <ref name="NIC"/>
 
=== परेड और समारोह ===
यदि झंडा किसी जुलूस या परेड में अन्य झंडे या झंडों के साथ ले जाया जा रहा है तो, झंडे को जुलूस के दाहीनें ओर या सबसे आगे बीच में रखना चाहिए। झंडा किसी मूर्ति या स्मारक, या पट्टिका के अनावरण के समय एक विशिष्टता को लिए रहता है, पर उसे किसी वस्तु को ढकने के लिए प्रयोग नहीं करना चाहिए। सम्मान के चिह्न के रूप में इसे किसी व्यक्ति या वस्तु को ढंकना नहीं चाहिए। पलटन के रंगों, संगठनात्मक या संस्थागत झंडों को सम्मान के चिह्न रूप में ढका जा सकता है।
[[Fileचित्र:IndiaFlagParade.png|right|170px]]
किसी समारोह में फहराते समय या झंडे को उतारते समय या झंडा किसी परेड से गुजर रहा है या किसी समीक्षा के दौरान, सभी उपस्थित व्यक्तियों को ध्वज का सामना करना चाहिए और ध्यान से खड़े होना चाहिए। वर्दी पहने लोगों को उपयुक्त सलामी प्रस्तुत करना चाहिए। जब झंडा स्तम्भ से गुजर रहा हो तो, लोगों को ध्यान से खड़े होना चाहिए या सलामी देनी चाहिए। एक गणमान्य अतिथि को सिर के पोशाक को छोड़ कर सलामी लेनी चाहिए। झंडा वंदन, [[जन गण मन|राष्ट्रीय गान]] के साथ लिया जाना चाहिए। <ref name="NIC"/>
 
झंडे को विमान पर प्रर्दशित करना चाहिए यदि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर जा रहे हों। राष्ट्रीय ध्वज के साथ, अन्य देश का झंडा जहां वे जा रहें हैं या उस देश का झंडा जहां यात्रा के बीच में विराम के लिए ठहरा जाता है, उस देश के झंडे को भी शिष्टाचार और सद्भावना के संकेत के रूप में प्रवाहित किया जा सकता है। जब राष्ट्रपति भारत के दौरे पर हैं, तो झंडे को पोतारोहण करना होगा जहां से वे चढ़ते या उतरते हैं। जब राष्ट्रपति विशेष रेलगाड़ी से देश के भीतर यात्रा कर रहें हों तो झंडा स्टेशन के प्लेटफार्म का सामना करते हुए चालाक के डिब्बे से लगा रहना चाहिए जहां से ट्रेन चलती हैं। झंडा केवल तभी प्रवाहित किया जाएगा जब विशेष ट्रेन स्थिर है, या जब उस स्टेशन पर आ रही हो जहां उसे रुकना हो। <ref name="NIC"/>
 
=== उतार ===
[[राष्ट्रीय शोक|शोक]] के समय, राष्ट्रपति के निर्देश पर, उनके द्वारा बताये गए समय तक झंडा [[आधा फहराता ध्वज|आधा प्रवाहित]] होना चाहिए। जब झंडे को आधा झुका कर प्रवाहित करना है तो पहले झंडे को शीर्ष तक बढ़ा कर फिर आधे तक झुकाना चाहिए। सूर्यास्त से पहले या उचित समय पर, झंडा पहले शीर्ष तक बढ़ा कर फिर उसे उतारना चाहिए। केवल भारतीय ध्वज आधा झुका रहेगा जबकि अन्य झंडे सामान्य ऊंचाई पर रहेंगे।
 
जब झंडा क्षतिग्रस्त है या गंदे हालत में है तो उसे अलग या निरादर ढंग से नहीं रखना चाहिए, झंडे की गरिमा के अनुरूप नष्ट कर देना चाहिए या जला देना चाहिए। तिरंगे को नष्ट करने का सबसे अच्छा तरीका है, गंगा में विसर्जन करना या उचित सम्मान के साथ दफना देना। <ref name="NIC"/>
 
== इन्हें भी देखें ==
* [[पिंगली वैंकैया]]
* [[झण्डा गीत]]
 
== संदर्भ ==
<references/>
 
== बाह्यसूत्र ==
{{Commons category|Flags of India|भारत के ध्वज}}
* [http://www.mha.gov.in/pdfs_hin/Jhanda-Hindi.pdf भारतीय ध्वज संहिता], [[गृह मंत्रालय, भारत सरकार]]
* [http://merinajar.mywebdunia.com/2009/01/23/1232721720000.html तिरंगे का इतिहास]
* [http://sush12.wordpress.com/2008/08/12/197/ भारत के तिरंगे ध्वज का सफर]
* [http://burabhala.blogspot.com/2009/08/blog-post_9472.html कैसे रचा गया झंडा गीत ??]
* [http://www.abhivyakti-hindi.org/gharparivar/tikat_sangrah/tiranga/tirange_ki_kahani.htm डाकटिकटों में बखानी तिरंगे की कहानी]
* [http://www.abhivyakti-hindi.org/snibandh/sanskriti/jhanda.htm झंडा ऊँचा रहे हमारा] --सुनीता सिंह गर्ग
* [http://hindi.webdunia.com/miscellaneous/special09/independenceday2009/0908/12/1090812092_1.htm झंडा फहराने का सही तरीका ]।वेब दुनिया
 
{{राष्ट्रीय ध्वज}}
[[fi:Intian lippu]]
[[fr:Drapeau de l'Inde]]
[[gl:Bandeira da India]]
[[gu:ભારતનો રાષ્ટ્રધ્વજ]]
[[he:דגל הודו]]
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