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संधारित्र में धारा का सातत्य : संधारित्र के बाहर वास्तविक धारा बहती है और उसके प्लेटों के बीच विस्थापन धारा

विद्युतचुम्बकत्व में विद्युत विस्थापन क्षेत्र (D) के परिवर्तन की दर को विस्थापन धारा (displacement current) के रूप में परिभाषित किया गया है। विस्थापन धारा, मैक्सवेल के समीकरणों में आती है। विस्थापन धारा और विद्युत धारा घनत्व का मात्रक समान है। जिस प्रकार विद्युत धारा के संगत एक चुम्बकीय क्षेत्र मौजूद होता है, उसी प्रकार विस्थापन धारा के संगत भी एक चुम्बकीय क्षेत्र का अस्तित्व होता है। किन्तु विस्थापन धारा, गतिमान आवेशों की धारा नहीं है बल्कि समय के साथ परिवर्तनशील विद्युत क्षेत्र के कारण उत्पन्न होती है।सुभाष बिजारणियाँ दिनेश गुर्जर - एक परिवर्ती वैधुत क्षेत्र धारा के समकक्ष होता है |यह धारा उस समय तक उपस्थित मानी जाती है |जब तक वैधुत क्षेत्र उत्पन्न होता है|इस धारा को विस्थापन धारा कहते है।