नवोद्भिद (छोटे पौधों / seedlings) को एक स्थान से खोदकर दूसरे स्थान पर लगाने की प्रक्रिया को वृक्षारोपण (Tree planting) कहते हैं। वृक्षारोपण की प्रक्रिया एक तरफ बड़े वृक्षो के रोपण की प्रक्रिया से अलग है तो दूसरी तरफ बीज बोकर पेड़ उगाने की प्रक्रिया से भी भिन्न है।

वृक्षारोपण किया जा रहा है।

वृक्षारोपण के महत्व - वृक्षारोपण यानी वृक्ष लगाना। प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए तथा अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए पेड़-पौधे लगाना बहुत ज़रूरी है। पेड़-पौधों के माध्यम से प्रकृति सभी प्राणियों पर अनंत उपकार करती है। पेड़-पौधे हमें छाया प्रदान करते हैं। फल- -फूलों की प्राप्ति भी हमें पेड़-पौधों से ही होती है। पेड़-पौधों से हमें ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है, जो हमें जीवित रखने के लिए बहुत आवश्यक है।

कई पेड़-पौधों की छाल औषधि बनाने के भी काम आती है। इनकी लकड़ियों से फर्नीचर बनाए जाते हैं। पेड़ों से हमें कागज़ की भी प्राप्ति होती है। पेड़-पौधों की सूखी पत्तियों से खाद भी बनती है। पेड़-पौधे हमारे पर्यावरण को भी सुरक्षित रखते हैं, अतः हमें पेड़-पौधे नहीं काटने चाहिए। आज हम अपने लालच के लिए पेड़-पौधे काटकर अपने पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुँचा रहे हैं। इससे पक्षियों के घर उजड़ रहे हैं। तथा वातावरण भी दूषित हो रहा है। वृक्ष काटने से ही बाढ़, भूमि-स्खलन आदि होते हैं।

इसीलिए वृक्षारोपण करना आवश्यक है इसके कही सारे लाभ हमारे जिवन में होते हैं।

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