वैजयन्तीकोष, संस्कृत का एक कोशग्रन्थ है। यादव प्रकाश द्वारा 10वीं से 14वीं ई0 के मध्य रचित यह कोश अत्यंत प्रसिद्ध और प्रामाणिक कोश माना जाता है। इसमें आधुनिक कोशों के प्रमुख लक्षण, अर्थात् अकारादि-क्रम अथवा वर्णानुक्रम-योजना का बीज रूप मौजूद है। यद्यपि इस कोश में आधुनिक कोशों की तरह कठोरता से वर्णानुक्रम-नियम का पालन नहीं किया गया है। यही नहीं वर्णक्रम के अन्तर्गत केवल पहले अक्षर को आधार बनाया गया है, दूसरे-तीसरे आदि अक्षर के क्रम पर विचार नहीं किया गया है। उसके बाद लिंग-पद्धति से शब्द दिए गए हैं और फिर प्रत्येक प्रकरण में अक्षरक्रम से शब्द हैं। इस कोश में बड़ी मात्रा में नए शब्दों का संकलन है। यह अमरकोश की अपेक्षा अधिक सम्पन्न कोश है।

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