वोल्टेयर (French: [fʁɑ̃swa maʁi aʁwɛ]; 21 नवम्बर 1694  – 30 मई 1778) फ्रांस का बौद्धिक जागरण (Enlightenment) के युग का महान लेखक, नाटककार एवं दार्शनिक था। उनका वास्तविक नाम "फ़्रांस्वा-मैरी अरोएट" (François-Marie Arouet) थे। वह अपनी प्रत्युत्पन्नमति (wit), दार्शनिक भावना तथा नागरिक स्वतंत्रता (धर्म की स्वतंत्रता एवं मुक्त व्यापार) के समर्थन के लिये भी विख्यात है।

वोल्टेयर

वोल्टेयर ने साहित्य की लगभग हर विधा में लेखन किया। उसने नाटक, कविता, उपन्यास, निबन्ध, ऐतिहासिक एवं वैज्ञानिक लेखन और बीस हजार से अधिक पत्र और पत्रक (pamphlet) लिखे।

यद्यपि उसके समय में फ्रांस में अभिव्यक्ति पर तरह-तरह की बंदिशे थीं फिर भी वह सामाजिक सुधारों के पक्ष में खुलकर बोलता था। अपनी रचनाओं के माध्यम से वह रोमन कैथोलिक चर्च के कठमुल्लापन एवं अन्य फ्रांसीसी संस्थाओं की खुलकर खिल्ली उड़ाता था।

बौद्धिक जागरण युग के अन्य हस्तियों (मांटेस्क्यू, जॉन लॉक, थॉमस हॉब्स, रूसो आदि) के साथ-साथ वोल्टेयर के कृतियों एवं विचारों का अमेरिकी क्रान्ति तथा फ्रांसीसी क्रान्ति के प्रमुख विचारकों पर गहरा असर पड़ा था।

रुसो के सामाजिक राजनीतिक चिंतन के प्रमुख बिंदु - 1. मानव स्वतंत्रता पर बल 2. समाज की कृतिमता पर प्रहार 3. मानवीय आसमानता की निन्दा 4. राज्य की उत्पतति तथा सामान्य इच्छा की निन्दा, आदि थे।

प्रारंभिक जीवनसंपादित करें

फ़्राँस्वा-मैरी अरोएट का जन्म पेरिस में हुआ था, जो पाँच भाईयों में सबसे छोटे थे। उनकी माता जी का नाम 'मेरी मार्गरेट दौमार्ड' (सि 1660-1701) था। उनके पिता का नाम फ्रांकोइस अरौएट (1649-1722) था, एक वकील जो एक मामूली कोषागार के अधिकारी थे, और इस तरह उनका परिवार फ्रांसीसी बड़प्पन वर्ग के सबसे निचले पद पर था। वोल्टेयर की जन्म तिथि को लेकर कुछ अटकलें हैं, क्योंकि उन्होंने दावा किया था कि उनका जन्म 20 फरवरी 1694 को एक रईस, गुएरिन डे रोशब्रून या रोकब्रून के अधर्मज बेटे के रूप में हुआ था। उनके दो बड़े भाई-आर्मंड-फ्रांकोइस और रॉबर्ट- की शैशवावस्था में मृत्यु हो गई, और उनके जीवित भाई आर्मंड और बहन मार्गुराइट-कैथरीन क्रमशः नौ और सात साल बड़े थे। उनके परिवार द्वारा "ज़ोज़ो" उपनाम दिया गया, वोल्टेयर का बपतिस्मा 22 नवंबर 1694 को हुआ था, जिसमें फ्रांकोइस डी कास्टागनेरे, अब्बे डे चेटेयूनुफ [एफआर], और मैरी ड्यूमर्ड, उनकी मां के चचेरे भाई की पत्नी, गॉडपेरेंट्स के रूप में खड़ी थीं। उन्हें कॉलेज लुइस-ले-ग्रैंड (1704-1711) में जेसुइट्स द्वारा शिक्षित किया गया था, जहां उन्हें लैटिन, धर्मशास्त्र और बयानबाजी सिखाई गई थी;[1] बाद में जीवन में वे इतालवी, स्पेनिश और अंग्रेजी बोलने में सहज हो गए।[2]

प्रमुख कृतियाँसंपादित करें

 
Elémens de la philosophie de Neuton, 1738

नाटकसंपादित करें

वोल्टेयर ने पचास-साठ नाटकों की रचना की जिसमें से कुछ अपूर्ण ही रह गये। उसके प्रमुख नाटक हैं-

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें

  1. https://archive.org/details/voltairealmighty00pear/mode/2up
  2. Liukkonen, Petri. "Voltaire". Books and Writers (kirjasto.sci.fi). Finland: Kuusankoski Public Library. मूल से 17 February 2015 को पुरालेखित.