व्योम तरंग

यह आवृत्तियो की कुछ परासो (3MHz- 3MHz ) के लिए कार्य करती हैं
व्योम तरंग प्रगमन में रेडियो तरंगें (काले रंग में) आयनमंडल से परावर्तित होकर धरती पर लौटती हैं। इस प्रकार आयनमण्डल अधिक दूरी तक संचार में सहायक होता है।

रेडियो संचार में व्योम तरंग ( skywave या skip) से आशय रेडियो तरंगो के आयनमंडल से परावर्तित या अपवर्तित होकर धरती पर आने से है। चूंकि इस प्रकार के संचार में धरती की वक्रता (कर्वेचर) बाधक नहीं है, इसलिये इस विधि द्वारा अधिक दूरी तक (अन्तरमहाद्वीपीय दूरियों तक) भी संचार सम्भव है। व्योम तरंग अधिकतर लघु तरंग (शॉर्ट वेव]] के लिये प्रयुक्त होता है।

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