मुख्य मेनू खोलें
अर्नोल्ड स्वरजेनेगर (१९७४ में)

सौंदर्यबोध के प्रयोजनों के लिए किसी व्यक्ति द्वारा क्रमशः प्रतिरोध व्यायाम का उपयोग करके शरीर मांसलता को नियंत्रित एवं विकसित करना शरीर सौष्ठव (बॉडीबिल्डिंग) कहलाता है। इस गतिविधि में संलग्न व्यक्ति को बॉडी बिल्डर कहा जाता है।