शिप ऑफ़ थीसियस आनंद गांधी द्वारा निर्देशित एवं अभिनेता सोहम शाह द्वारा निर्मित 2013 की भारतीय ड्रामा फ़िल्म है। फ़िल्म में मुख्यतः "पहचान, न्याय, सौंदर्य, एक प्रयोगात्मक फोटोग्राफर की कहानियों के माध्यम से अर्थ और मौत, एक बीमार भिक्षु तथा एक उद्यमी शेयर दलाल के प्रश्न" का पता लगाने की कोशिश की गई है; ये अभिनय आदिया अल-ख़शेफ़, नीरज काबी सोहम शाह ने किया है।[1]

शिप ऑफ थीसियस

शिप ऑफ़ थीसियस का प्रचार पोस्टर, मई २०१३
निर्देशक आनंद गांधी
पटकथा आनंद गांधी
कहानी आनंद गांधी
पंकज कुमार
खुशबू रांका
निर्माता सोहम शाह
मुकेश शाह
अमिता शाह
अभिनेता आदिया अल-ख़शेफ़
नीरज काबी
सोहम शाह
छायाकार पंकज कुमार
संपादक आदेश प्रसाद
संयुक्त काज़ा
सत्चित पुरानिक
संगीतकार नरेन चंदवारकर
बेनेडिक्ट टेलर
रोहित शर्मा
निर्माण
कंपनी
रीसायकलवाला फिल्म्स
वितरक यूटीवी मोशन पिक्चर्स
फोर्टीस्सिमो फ़िल्म्स
प्रदर्शन तिथियाँ
लम्बाई
143 मिनट
देश भारत
भाषा

अप्रैल 2014 में 61वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला।[2]

यदि एक जहाज़ की मरम्मत के दौरान उसके सभी पुर्ज़े बदल दिए जाएँ तो क्या वह जहाज़ असली बचता है या फिर कुछ और हो जाता है? इसी विरोधाभास के फ़लसफ़े की बात पर ये फिल्म है। इस फ़िल्म में तीन किरदारों की कहानी है जिन्हें अंग-दान के ज़रिए एक नया जीवन मिला है लेकिन उसके बाद ही उनकी स्वयं से लड़ाई शुरू होती है।

  1. Bailey, Cameron. "PROGRAMMER'S NOTE". Toronto International Film Festival. मूल से 11 दिसंबर 2012 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 24 जुलाई 2013.
  2. "नैशनल अवॉर्डः शिप ऑफ थीसियस, जॉली LLB बेस्ट फिल्में". नवभारत टाईम्स. 16 अप्रैल 2014. मूल से 18 अप्रैल 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 17 अप्रैल 2014.

बाहरी कड़ियाँ

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