शिव मुनि (जैन आचार्य)

श्रमण संघ के चतुर्थ पट्टधर आचार्य

डॉ.शिव मुनि जी जैन श्रमण संघ के चतुर्थ पट्टधर आचार्य है।[1] शिवमुनि ने भारतीय धर्मों में (मुक्ति की अवधारणा-विशेष जैन धर्म सदर्भ में' )विषय पर पाँच वर्षों तक शोध किया। उन्हें पीचडी की उपाधि मिल गई।[2] शिव मुनि जी महाराज ध्यानयोगी हैैं। उनके अध्यात्म का मुख्य विषय ध्यान है।

आचार्य शिव मुनि जी
डॉ.शिव मुनि जी.jpg
शिव मुनि जी
नाम (आधिकारिक) आचार्य शिव मुनि जी

सन्दर्भसंपादित करें

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 19 जून 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 19 जून 2019.
  2. "संग्रहीत प्रति". मूल से 19 जून 2019 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 19 जून 2019.

इन्हें भी देखेंसंपादित करें