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भारत के मैदानी इलाकों में दिसंबर-जनवरी के शीतकालीन महीनों में पूर्व दिशा से चलनेवाली हवाएँ शीतलहर या शीतलहरी कहलाती है। ठंड के दिनों में इन हवाओं का चलना कष्टप्रद एवं कई बार जानलेवा होतीं हैं। हिमालय की चोटियों पर होनेवाले तुषारपात से स्थिति और बदतर हो जाती है। शीतलहर की ठंड से बचाव के लिए अलाव के आसपास लोगों को जगह-जगह बैठे देखा जा सकता है।