उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर से प्रायः तीस किलोमीटर दूर सड़क मार्ग पर गंगा के तट पर अवस्थित यह वह तीर्थ है जहाँ पहली बार शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत सुनाया था। शुकदेव मंदिर के अलावा यहाँ साढ़े छियत्तर फीट ऊंची ऐसी हनुमान प्रतिमा भी दर्शनीय है जिसके भीतर सात सौ करोड़ बार लिखे गए राम नाम समाहित हैं।