शुद्ध गतिविज्ञान (Kinematics / काइनेमेटिक्स) शास्त्रीय यांत्रिकी की एक शाखा है जो बलों पर विचार किए बिना बिन्दुओं, पिण्डों, पिण्डों के निकायों की गति का वर्णन करती है। अध्ययन के एक क्षेत्र के रूप में शुद्ध गतिविज्ञान को प्रायः "गति की ज्यामिति" कहा जाता है और कभी-कभी इसे गणित की एक शाखा के रूप में देखा जाता है। शुद्ध गतिविज्ञान की समस्या का वर्णन करने के लिए सबसे पहले सिस्टम की ज्यामिति का वर्णन किया जाता है, और सिस्टम के अन्दर के बिन्दुओं की आरम्भिक स्थिति, आरम्भिक वेग या आरम्भिक त्वरण में से जो भी ज्ञात हो उसका मान दिया जाता है। इसके बाद उस निकाय के किसी भी बिन्दु की स्थिति, वेग या त्वरण का परिकलन किया जा सकता है। यह ध्यान देने योग्य है कि वस्तु (पिण्ड) पर किस-किस प्रकार के तथा कितने और किस दिशा में बल लग रहे हैं, इसका अध्ययन बलगतिकी के अन्तर्गत किया जाता है।