शौक़ बहराइची (6 जून 1884-13 जनवरी 1964) एक भारतीय उर्दू शायर थे। उनका वास्तविक नाम 'रियासत हुसैन रिज़वी' था।[1]

उनकी सबसे मशहूर शायरी

बर्बाद गुलिस्ताँ करने को बस एक ही उल्लू काफी है;

हर शाख पे उल्लू बैठे हैं, अंजाम ए गुलिस्ताँ क्या होगा?

सन्दर्भसंपादित करें

  1. शाही, हरिशंकर. "मशहूर शेर का गुमनाम शायर" (एच.टी.एम.एल). जनज्वार. अभिगमन तिथि 16 मार्च 2014.