श्रीधर स्वामी (१३वीं शताब्दी) के अन्त में इनका जन्म ओडिशा प्रान्त के बालेश्वर जिले में हुआ था। यह गोवर्द्धन मठ पुरी पीठ के 116 वें श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य थे। , भावार्थदीपिका नामक ग्रन्थ के रचयिता। भावार्थदेपिका, भागवत पुराण की सबसे प्रसिद्ध टीका श्रीधरीटीका के रचयिता श्रीधर स्वामी पाद ही हैं। ई.1471 के आस पास इनका निर्वाण हुआ था ।

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