किसी विद्युत परिपथ के विभिन्न अवयव (जैसे प्रतिरोध, प्रेरकत्व, संधारित्र, डायोड आदि) श्रृंखलाक्रम (सीरीज में) जुड़े हो सकते हैं, समानान्तर क्रम में जुड़े हो सकते हैं, या श्रृंखला-समानान्तर क्रम में जुड़े हो सकते हैं।

यहाँ बाएँ वाले परिपथ में दो प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जुड़े हैं जबकि दाहिने वाले परिपथ में दोनों प्रतिरोध समान्तर क्रम में जुड़े हैं।

श्रृंखलाक्रम में जुड़े सभी अवयवों में एकसमान विद्युतधारा प्रवाहित होती है। समान्तर क्रम में जुड़े दो अवयवों के सिरों के बीच विभवान्तर समान होता है (उनकी धाराएँ भिन्न-भिन्न हो सकतीं हैं।)।