यह आयुर्वेद की एक औषधि है जो शोधन के पश्‍चात प्रयाग की जाती हैं। यह एक अत्यंत घातक विष है जो प्राकितिक अवस्था में पायी जाती है। इसे अंग्रेजी में आर्सेनिक भी कहते हैं l रंग क आधार पर ये सफ़ेद, लाल, पीला और काले रंग की होती है, औषधि के लिये सफ़ेद शंखिया प्रयोग होता है l

आप ने अगर 'नदियां के पार' फ़िल्म देखी होगी तो जब गुंजा का विवाह चन्दन के बड़े भाई से होने वाला होता है तो उसी दिन गुंजा रोते हुए अपने पिता जी से बोलती है "बापू! ये क्या किया बापू, हमें एक पुडिया संखिया लाके दे दो, हम खाकर अपनी जान दे देंगे."