संतुलन या साम्य या साम्यावस्था (इक्विलिब्रिअम) से तात्पर्य किसी निकाय की उस अवस्था से है जब दो या अधिक परस्पर विरोधी वस्तुओं या बलों के होने पर भी 'स्थिरता' (अगति) का दर्शन हो। बहुत से निकायों में साम्यावस्था देखने को मिलती है।

शाब्दिक अर्थ की दृष्टि से संतुलन का अर्थ निम्नलिखित है-

१. अच्छी तरह तौलने की क्रिया या भाव।
२. तौलते समय तराजू के दोनों पलड़े बराबर या ठीक करना या होना।
३. लाक्षणिक अर्थ में, वह स्थिति जिसमें सभी अंग या पक्ष बराबर के तथा यथा स्थान हों (बैलेन्स) (स्रोत)

इन्हें भी देखेंसंपादित करें