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जिन वाक्योँ में कार्य के होने में सन्देह अथवा सम्भावना का बोध हो, उन्हें संदेह वाचक वाक्य कहते हैँ।

उदाहरणसंपादित करें

  1. सम्भवतः वह सुधर जाए।
  2. शायद मैँ कल बाहर जाऊँ।
  3. आज वर्षा हो सकती है।
  4. शायद वह मान जाए।
व्याख्या
उक्त वाक्योँ में कार्य के होने में अनिश्चितता व्यक्त हो रही है अतः ये संदेह वाचक वाक्य हैँ।

सन्दर्भसंपादित करें

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें