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संभववाद के निम्नलिखित अर्थ हो सकते हैं:

वह स्थिति जिसके अंतर्गत मानव प्रकृति के बारे में जानने लगता है तथा प्रकृति के बलों से परिचित होता है सम्भववाद कहलाती है।

सन्दर्भसंपादित करें

  1. Tulasī prajñā, Jaina Viśva Bhāratī., 1982, पपृ॰ 59–60 (स्निपेट व्यू)
  2. Prītama Siṅghavī; Pārśva Śaikṣaṇika aura Śodhaniṣṭha Pratiṣṭhāna (1999), "Anekānta-vāda as the basis of equanimity, tranquality [sic] and synthisis [sic] of opposite view points", Pārśva Iṇṭaraneśanala Śaikshaṇika aura Śodhanishṭha Pratishṭhāna (स्निपेट व्यू)