संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों, को Permanent Five, Big Five, और P5 के नाम से भी जाना जाता है, जिनमें पांच निम्नलिखित सरकारें शामिल हैं: चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका। इन सदस्यों ने द्वितीय विश्वयुद्ध में पाँच महान विजेता शक्तियों का प्रतिनिधित्व किया था।[1] इन सभी स्थायी सदस्यों के पास वीटो का अधिकार है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य।

वर्तमान सदस्यसंपादित करें

देश वर्तमान प्रतिनिधि वर्तमान राज्य प्रतिनिधित्व राज्य के पूर्व प्रतिनिधित्व
  चीन[2] लिउ जिेयी[3]   चीनी जनवादी गणराज्य (1971–वर्तमान)   Republic of China (1946–49) (on the Mainland)

  Republic of China (1949–71) (on Taiwan)

  फ़्रान्स फ्रेंकोइस डी लत्तरें[3]   फ़्रान्स (1958–वर्तमान)   French Fourth Republic (1946–58)
  रूस विताली चूर्किन [3]   रूस के संघीय खंड (1991–वर्तमान)   Union of Soviet Socialist Republics (1946–1991)
  यूनाइटेड किंगडम मैथ्यू रीक्रॉफ्ट [3]   ग्रेट ब्रिटेन व उत्तरी आयरलैंड का यूनाइटेड किंगडम (1946–वर्तमान)
  संयुक्त राज्य अमेरिका सामन्था पावर   संयुक्त राज्य अमेरिका (1946–वर्तमान)
 
उनके संबंधित कालोनियों और अन्य होल्डिंग्स के साथ (हल्का नीला) 1945 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मूल स्थायी सदस्य (गहरा नीला)।

वीटो का अधिकारसंपादित करें

किसी व्यक्ति, पार्टी या राष्ट्र को मिला यह अधिकार कि वह किसी कानून को अकेले रोक सकता है। वीटो किसी फैसले को रोकने का असीमित अधिकार देता है, उसे लागू कराने का नहीं। वीटो, लातिनी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है, 'मैं मना करता हूँ'। हाल ही में भारत को भी वीटो पावर देने पर विचार किया जा रहा है!भारत जब स्वतंत्र हुआ था और देश के प्रधानमंत्री तब हुआ करते थे पंडित जवाहरलाल नेहरू और वीटो पावर भारत को ही देने वाले थे ऐसी हो गया था लेकिन पंडित जवाहरलाल नेहरू ने वह चीन को दे दी और नारा दिया था हिंदी चीनी भाई भाई लेकिन चीन ने आगे चलकर इसका घात किया।

Referencesसंपादित करें

  1. The UN Security Council Archived 2012-06-20 at the Wayback Machine, retrieved 2012-05-15 
  2. "Resolution NO.2758 is contradicted by the Article 23 on UN Charter". मूल से 1 अक्तूबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 21 सितंबर 2015.