मुख्य मेनू खोलें

संसाधन एक ऐसा स्रोत है जिसका उपयोग मनुष्य अपने लाभ के लिये करता है। कोई वस्तु प्रकृति में हो सकता है हमेशा से मौज़ूद रही हो लेकिन वह संसाधन तब बनती है जब मनुष्य को उसके लाभप्रद उपयोग के बारे में ज्ञात होता है और वह यह लाभ प्राप्त करना शुरू करता है। प्रकृति का कोई भी तत्व तभी संसाधन बनता है जब वह मानवीय सेवा करता है। इस संदर्भ में 1933 में जिम्मरमैन ने यह तर्क दिया था कि, ‘न तो पर्यावरण उसी रूप में और न ही उसके अंग संसाधन हैं, जब तक वह मानवीय आवश्यकताओं को संतुष्ट करने में सक्षम न हो।

संसाधन चार प्रकार के होते हैं---

1.प्राकृतिक srot

2.मानव निर्मित srot

3.नवीकरणीय

संसाधन शब्द का अभिप्राय साधारणत: मानवी उपयोग की वस्तुओं से है। ये प्राकृतिक और सांस्कृतिक दोनों हो सकती हैं। मनुष्य प्रकृति के अपने अनुरूप उपयोग के लिए तकनीकों का विकास करता है। प्राकृतिक तंत्र में किसी तकनीक का जनप्रिय प्रयोग उसे एक सभ्यता में परिणित करता है, यथा जीने का तरीका या जीवन निर्वाह। इस प्रकार यह सांस्कृतिक संसाधन की स्थिति प्राप्त करता है। संसाधन राष्ट्र की अर्थव्यवस्था के आधार का निर्माण करते हैं। भूमि, जल, वन, वायु, खनिज के बिना कोई भी कृषि व उद्योग का विकास नहीं कर सकता। ये प्राकृतिक पर्यावरण जैसे कि वायु, जल, वन और विभिन्न जैव रूपों का निर्माण करते हैं, जो कि मानवीय जीवन एवं विकास हेतु आवश्यक है। इन प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से मनुष्य ने घरों, भवनों, परिवहन एवं संचार के साधनों, उद्योगों आदि के अपने संसार का निर्माण किया है। ये मानव निर्मित संसाधन प्राकृतिक संसाधनों के साथ काफी उपयोगी भी हैं और मानव के विकास के लिए आवश्यक भी। संसाधन की परिभाषा स्मिथ एवं फिलिप्स के अनुसार- ’’भौतिक रूप से संसाधन वातावरण की वे प्रक्रियायें हैं जो मानव के उपयोग में आती हैं।’’ जेम्स फिशर के शब्दों में- ’’संसाधन वह कोई भी वस्तु हैं जो मानवीय आवश्यकतों और इच्छाओं की पूर्ति करती हैं।’’

जिम्मर मैन के अनुसार-  ‘‘संसाधन पर्यावरण की वे विशेषतायें हैं जो मनुष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति में सक्षम मानी जाती हैं, जैसे ही उन्हे मानव की आवश्यकताओं और क्षमताओं द्वारा उपयोगिता प्रदान की जाती हैं।

सन्दर्भसंपादित करें

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

  • प्राकृतिक संसाधन
  • [[नवीकरणीय संसा ऐसे संसाधन जिसको मानव के द्वारा प्रयासों से दोबारा स्थापित किया जा सकता है उसे नवीकरणीय संसाधन कहते हैं अर्थात जिसको दोबारा उत्पन्न किया जा सकता है उदाहरण पेड़ पौधे

t