संधारणीय विकास

सतत् विकास
(सतत विकास से अनुप्रेषित)

संधारणीय विकास अथवा टिकाऊ विकास (Sustainable Development), पर्यावरण एवं विकास पर विश्व आयोग की रिपोर्ट के अनुसार धारणी अथवा स्थाई विकास वह विकास है जिसके अंतर्गत भावी पीढ़ियों के लिए आवश्यकताओं की पूर्ति करने की क्षमताओं से समझौता किए बिना वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं की पूर्ति किया जाता है अतः पर्यावरण सुरक्षा के बिना विकास को सतत नहीं बनाया जा सकता अर्थात भावी पीढ़ी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक संसाधनों का वर्तमान समय में किस प्रकार प्रयोग करना जिससे आर्थिक विकास एवं पर्यावरण सुरक्षा के बीच एक वांछित संतुलन स्थापित हो सके kalpendra singh

इन्हें भी देखेंसंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

धारणीय विकाश में हम मानव के विकाश लिए प्रकृति का उपयोग इस तरह होना चाहिए जिसे प्रकृति पर्यावण को हानि न पहुचे तथा प्रकृति और विकास में एक बैलेंस बना रहे ।

बाहरी कड़ियाँसंपादित करें