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सत्‍तामीमांसा या वस्तुमीमांसा (ontology) अस्तित्व या वास्तविकता का दार्शनिक अध्ययन है। परम्परागत रूप से यह तत्वमीमांसा नामक दर्शन की शाखा का भाग है।

सत्व शास्त्र या सत्‍तामीमांसा (ऑन्कोलॉजी) विषय शब्दों के बीच स्पष्ट औपचारिक विनिर्देशों और संबंधों को दर्शाती है । अब ये वर्ल्ड-वाइड वेब पर आम हैं। विश्वव्यापी वेब संकाय (W3C) ने रिसोर्स डिस्क्रिप्शन फ्रेमवर्क (आर डी एफ) को वेब पर डेटा इंटरचेंज के लिए मानक मॉडल के रूप में और वेब पेजों पर उपलब्ध ज्ञान को एनकोड करने के लिए प्रौद्योगिकी के रूप में प्रस्तुत किया है [1]

ओंटोलॉजी को विकसित करने की आवश्यकता:[2]

• लोगों एवम सॉफ्टवेयर एजेंटों के बीच जानकारी की संरचना की सामान्य समझ साझा करने के लिए।
• विषय संबंधी ज्ञान के पुन: उपयोग को सक्षम करने के लिए।
• विषय संबंधी ज्ञान का विश्लेषण करने के लिए।
• विषय संबंधी मान्यताओं को स्पष्ट करने के लिए।

  1. https://www.w3.org/RDF/
  2. https://protege.stanford.edu/publications/ontology_development/ontology101-noy-mcguinness.html