सत्यभामा सत्राजित की कन्या और कृष्ण की चार मुख्य स्त्रियों में से एक। इनसे कृष्ण को दस पुत्र हुए जिनके नाम भानु, सुभानु, स्वरभानु आदि थे। सूर्य ने जो स्यमंतक मणि सत्यभामा के पिता को दी थी उसे शतधन्वन ने सत्राजित की हत्या करके छीन लिया। अंत में यह मणि अक्रूर के पास निकली और उसके अधिकारियों में से सत्यभामा भी एक थीं। परंतु निर्णय हुआ कि अक्रूर ही इस मणि को अपने पास रखें। भगवान कृष्ण ने सत्यभामा की सहायता से ही नरकासुर नामक राक्षस का संहार किया था।

The Wedding of Satyabhama and Krishna from Bhagavata Purana

इन्हें भी देखेंसंपादित करें