सदरुद्दीन मेवाती

सदरुद्दीन मेवाती:1857 की क्रांती का वीर सदरुद्दीन मेवाती, जिन्होंने मेवात मे 1857 मे अंग्रेजों के खिलाफ हुवे पहले सवतंत्रता संग्राम मे मेव क्रांतीवीरो का नेत्रत्व किया! इनका जन्म पिनगवां कस्बे के एक किसान परिवार मे हुआ!

इतिहाससंपादित करें

  1. वीर_सदरुद्दीन मेवात का सुभाषचंद्र बोश....

13 मेई 1857 को मेवात के वीर सपूत सदरुद्दीन के नेत्रत्व मे अंग्रजी हुकूमत के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया. नुह, झिरका, हथीन, पुनहाना, ताऊडु, गुडगांव से अंग्रेजों को खदेडकर कब्जा कर लिया, अंग्रेज परस्त नुह और पिनगवां के खांजादो को लूट लिया! दूसरी और होडल के अंग्रेज परस्त सेरोत जाट और सियोली के पठान अंग्रेज सरकार के समर्थन मे मेदान मे उतर आऐ, लेकिन मेवाती क्रांतीकारियों के आगे इनको मुंह की खानी पडी.. अलवर के माहराजा ने क्रांतीकारियों के गढ गांव दोहा पर हमला किया लेकिन मेवाती वीरो के आगे माहराजा को उलटे पैर भागना पडा! मेवात के वीर मे 1857 की जंग बडी बहादुरी से लडे और सुरवात मे कामयाब हुऐ लेकिन अंग्रेज परस्त कुछ गद्दारो की वजह से आखिर मे आजादी की पहली लडाई मेवाती हार गये! हजारो मेवाती वीर 1857 की क्रांती मे शहीद हुवै![1][2]

नेत्रत्व क्षमतासंपादित करें

सन्दर्भसंपादित करें

  1. मेवात में 1857 से पहले ही फिरंगियों के खिलाफ उपजा था असंतोष https://www.jagran.com/haryana/mewat-14507996.html
  2. 1857 uprising sparked at Ambala, engulfed entire state https://m.tribuneindia.com/news/archive/haryanatribune/1857-uprising-sparked-at-ambala-engulfed-entire-state-587901