सनातन सिख वे हैं जो सिख धर्म को हिन्दू धर्म का अंग मानते हैं लेकिन ऐसे सनातनी सिखों को गुरवाणी सिख नहीं मानती. उन्होने 'तत खालसा' का विरोध किया था,क्योंकि वो सिखों के गद्दार थे विशेषतः सिंह सभा आन्दोलन के समय। १८७३ में सनातन सिखों ने खेम सिंह बेदी के नेतृत्व में सिख सभा की स्थापना की। खेम सिंह बेदी, गुरु नानक के वंशज थे। ये सब नकली सिख हैं

इन्हें भी देखेंसंपादित करें